बाराबंकी : मदरसे में बायोमेट्रिक हाजिरी में झोल, प्लास्टिक कार्ड से लग रही अटेंडंस, एनएचआरसी ने लिया संज्ञान, जांच शुरू
बाराबंकी, अमृत विचार। सहायता प्राप्त मदरसों में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के एक मदरसे से सामने आए मामले में प्लास्टिक कार्ड के जरिए शिक्षकों की फर्जी हाजिरी लगाए जाने का खुलासा हुआ है। इस पूरे प्रकरण का वीडियो भी वायरल है।
फिलहाल मामले की जांच शुरु कर दी गई है। आपको बता देें कि हाल ही में जौनपुर में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां मदरसा प्रबंधक के परिजनों के अंगूठे के निशान से फर्जी हाजिरी लगाए जाने का आरोप लगा था। इस मामले की जांच अभी जारी है।
यह मामला बदोसरांय क्षेत्र के कस्बा मैलारायगंज स्थित इरम एजूकेशनल सोसायटी के मदरसा इस्लामिया स्कूल से जुड़ा है। जहां के एक वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में कई शिक्षकों के नाम प्लास्टिक कार्ड पर लिखे दिखाई दे रहे हैं, जिनका इस्तेमाल अंगूठे के निशान की जगह उपस्थिति दर्ज करने के लिए किया जा रहा है।
आरोप है कि अनुपस्थित शिक्षकों की भी हाजिरी इस तरीके से लगाई जा रही, जिससे वेतन निर्गमन में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। नियम अनुसार, सभी सहायता प्राप्त मदरसों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य है और इसका रिकॉर्ड जिला स्तर पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संकलित किया जाता है।
वहीं मदरसा प्रशासन ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा कि इसमें दिखाई गई प्रक्रिया नियमित उपस्थिति नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक सिस्टम की तकनीकी जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार मशीन में पहले दिक्कतें आ रही थीं, जिन्हें लखनऊ से इंजीनियर बुलाकर ठीक कराया गया। मरम्मत के बाद सिस्टम की कार्यक्षमता जांचने के लिए एक साथ कई कार्ड स्कैन किए गए थे।
हालांकि इस मामले में प्रणाली आधार आधारित ऑनलाइन सत्यापन से जुड़ी नहीं है, जिससे दुरुपयोग की पूरी गुंजाइश है। इस मदरसे में करीब दो दर्जन शिक्षक कार्यरत हैं। यहां बायोमेट्रिक मशीन तो मौजूद है, लेकिन रियल-टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग न होने के कारण फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही।
जानकारों की मानें तो फेस ऑथेंटिकेशन का अभाव, सीमित निरीक्षण और ऑफलाइन रिकॉर्ड प्रणाली इस तरह की अनियमितताओं को बढ़ावा दे रही। कई स्थानों पर उपस्थिति रजिस्टर प्रिंट कर मैन्युअली जमा किए जाते हैं, जिससे सत्यापन पर सवाल उठ रहे। वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्र ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है, जांच की जा रही है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
