Moradabad:जन्म से थी दिल की गंभीर बीमारी, 39 साल की उम्र में लेखराज को मिली नई जिंदगी
मुरादाबाद, अमृत विचार। एशियन विवेकानंद अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल जन्मजात हृदय रोग के मामले में सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धि हासिल की है। मथुरा निवासी 39 वर्षीय मरीज लेखराज को बाइकुस्पिड एओर्टिक वाल्व (बीएवी) के साथ एओर्टिक रिगर्जिटेशन, बाएं वेंट्रिकल की कार्यक्षमता मात्र 25 प्रतिशत (एलवी ईएफ) और महाधमनी संकुचन (कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा) जैसी गंभीर समस्याएं थीं।
मरीज ने पहले कई बड़े अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन अत्यधिक जोखिम के चलते उपचार टाल दिया गया था। एशियन विवेकानंद अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गीतेश मानिक और सीटीवीएस सर्जन डॉ. यतिन की टीम ने जांच के बाद हाइब्रिड प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया।
उपचार के दौरान सबसे बड़ी चुनौती कोआर्कटेशन के पार तार को ले जाना रही। टीम ने दाएं फीमोरल, दाएं रेडियल और बाएं रेडियल मार्ग का उपयोग करते हुए सफलता हासिल की। इसके बाद लूप बनाकर एंड्रामेड कवर्ड स्टेंट लगाया गया।
करीब साढ़े तीन से चार घंटे चली इस जटिल प्रक्रिया के बाद रक्त प्रवाह में सुधार हुआ और ग्रेडिएंट 95 से घटकर 20 से नीचे आ गया। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. प्रशांत पांडे और रीजनल डायरेक्टर डॉ. हिलाल अहमद ने टीम को बधाई दी। सेंटर हेड शोएब मलिक ने बताया कि भविष्य में भी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
