अयोध्या धाम में UP-42 वाहनों पर रोक हटी, स्थानीय लोगों को बड़ी राहत
विशाल तिवारी, अयोध्या, अमृत विचार : जिला प्रशासन ने अयोध्या धाम में रहने वाले स्थानीय लोगों को बड़ी राहत दी है। अब अयोध्या धाम के सभी बैरियरों पर यूपी-42 नंबर के वाहनों के आने जाने पर किसी तरह की रोका टोकी नहीं होगी। इसके लिए वाहन पास की भी आवश्यकता नहीं होगी। यही नहीं बाहर से आने वाले रिश्तेदारों या शादी विवाह में बारात आदि को पास जारी किया जाएगा। हालांकि संदिग्ध दिखने पर वाहनों की तलाशी व पहचान पत्र की जांच जरूर की जाएगी। ''अमृत विचार'' ने 21 अप्रैल के अंक में इससे संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिस पर अब मोहर लग गई है।
विगत दिनों नई दिल्ली में अयोध्या पर्व के दौरान गूंजे रामनगरी के दर्द के बाद से जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधों को कम करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए तहत प्रयोग के तौर पर 18 अप्रैल की शाम से 24 घंटे के लिए यलो जोन के 52 बैरियरों को हटा दिया गया था। हालांकि इसका मिला जुला असर दिखा था। इस पूरे प्रयोग की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद इसकी समीक्षा करने के बाद यह तय किया गया कि अयोध्या धाम में रहने वाले लोगों को जिनके पास यूपी-42 नंबर के दो या चार पहिया वाहन हैं, उन्हें आने जाने पर नहीं रोका जाएगा। सिर्फ हाशिम अंसारी बैरियर से पोस्ट ऑफिस तिराहे तक के मार्ग पर बैरियर पर आवश्यक जांच के बाद ही इन वाहनों को आने जाने दिया जाएगा। साथ ही इन बैरियर के बीच में बिना पास के बाहरी चार पहिया वाहनों को नहीं आने जाने दिया जाएगा। अब यह व्यवस्था लागू हो गई है। इससे अयोध्या धाम में रहने वालों ने राहत की सास ली है।
हाशिम अंसारी बैरियर के पास बनी पार्किंग
नई व्यवस्था के तहत बाहरी वाहनों को अब टेढ़ी बाजार बैरियर पर नहीं रोका जा रहा है। उन्हें हाशिम अंसारी बैरियर तक आने जाने दिया जा रहा है। यहां पर रेलवे स्टेशन जाने वाले फोरलेन मार्ग व बगल पड़े खाली मैदान पर अस्थायी पार्किंग बनाई गई है। यहां पर यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। इस पार्किंग में बाहरी वाहनों को इसमें निशुल्क खड़ा कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े।
मरीजों को श्रीराम अस्पताल ले जाने पर रोक हटी
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से लगे प्रतिबंधों के चलते आम लोगों को इलाज के लिए श्रीराम अस्पताल आने जाने में बड़ी दिक्कतें हो रही थी। गंभीर मरीजों को भी निजी या ई-रिक्शा आदि वाहनों से रामपथ पर जाने में रोक थी। इसके विरोध में स्वर भी मुखर हुए थे। अयोध्या पर्व में आचार्यश्री ने इस दर्द को प्रमुखता से उठाया था। अब नई व्यवस्था में मरीजों वाले वाहनों को आने जाने में लगी रोकटोक को हटा दिया गया है। इसके लिए सभी बैरियरों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों व यातायात पुलिस के जवानों को सख्त हिदायत दी गई है।
वीवीआईपी मूवमेंट व भीड़ बढ़ने पर करना होगा वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग
अधिकारियों के अनुसार रामनगरी में वीआईपी मूवमेंट व भीड़भाड़ की स्थिति में रामपथ पर वाहनों के आवागमन पर रोक भी लगाई जा सकती है। विशेषकर पोस्ट ऑफिस तिराहे से श्रीराम अस्पताल बैरियर तक चार पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक भी लगाई जा सकती है। ऐसी स्थिति में यूपी-42 नंबरों के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट भी किया जा सकता है। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से सामान्य दिनों में भी बैरियर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को किसी भी प्रकार के वाहनों की चेकिंग की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर बाहरी व स्थानीय लोगों के पहचान पत्र का सत्यापन भी कराया जा सकता है।
रामपथ पर वाहन खड़ा करने पर होगी कार्रवाई
इन छूट के बीच यह भी आदेश दिया गया है कि कोई भी चार पहिया वाहन टेढ़ी बाजार से लता चौक तक रामपथ पर नहीं खड़ा किया जा सकता। ऐसा करने पर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध स्थानीय लोगों के भी वाहनों पर शामिल है।
यलो जोन में बढ़ाई गई पास की सुविधा
स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए यलो जोन के पास की भी सुविधा दी गई है। पूर्व में 1453 पास जारी हुए थे। हाल ही में लगे दो शिविरों में 300 नये आवेदन भी आए हैं, इनका सत्यापन कराने के बाद पास जारी किया जाएगा। यह पास एक वर्ष के लिए जारी किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत अयोध्या आने जाने वाले व्यापारी व राजनीतिक दलों के लोगों को भी पास जारी करने की व्यवस्था बनाई गई है, लेकिन यह वाहन भी यूपी-42 नंबर के ही होने चाहिए।
अयोध्या धाम में रहने वाले यूपी-42 नंबर के वाहनों को बैरियर पर आने जाने दिया जा रहा है। बाहरी वाहनों को पोस्ट ऑफिस तिराहे से श्रीराम अस्पताल के बीच आने जाने पर रोक लगाई गई है। यलो जोन के किसी भी बैरियर को हटाया नहीं गया है। अयोध्या धाम में आने वाले रिश्तेदारों व बरात आदि के लिए आने वालों को पास जारी करने की सुविधा दी गई है।
-आशुतोष तिवारी, क्षेत्राधिकारी अयोध्या।
