Bareilly:हाइटेंशन लाइन टूटेंगी...लोग मरेंगे, मुआवजे से जख्म कैसे भरेंगे

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Published By Monis Khan
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बरेली/ अलीगंज। हंसते-खेलते इंसानों की बस्ती पर अगर हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरी है तो छात्र समेत दो लोगों की बेमौत मौत हुई है तो सवाल भी गंभीर उठ रहे हैं। आंवला तहसील क्षेत्र के जिस सूदनपुर गांव में 11केवी की लाइन टूटकर लोकल सप्लाई लाइन पर गिरी, वहां जर्जर तारों की समस्यों को लेकर लोग काफी समय से आवाज उठा रहे थे।

पावर कारपोरेशन की नींद शिकायतों पर नहीं टूटी और हादसे में छात्र समेत दो लोगों को जान गंवानी पड़ी। हादसे से जागे अफसर मृतकों के परिवारों को मुआवजा व संविदा पर नौकरी के साथ घायल महिला के इलाज का भरोसा दे रहे हैं मगर क्या इस मदद से मौतों के जख्म भरेंगे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

अलीगंज क्षेत्र के सूदनपुर गांव में हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से दो लोगों की जान चली गई। गांववालों का कहना है कि जर्जर बदलवाने के लिए बिजली निगम के अफसर काफी समय से सुनवाई नहीं कर रहे थे। परेशान होकर प्रशासन के साथ राजनेताओं से भी शिकायत की गई थी मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मौत बनकर झूलते तार हादसे का कारण बन गए। गांव के बंटी सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना तुरंत सम्बंधित अफसरों को दे दी गई थी मगर बिजली निगम का अमला 4 घंटे बाद मौके पर पहुंचा। राजेश, राजेंद्र, हरीश आदि ने बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते हाईटेंशन लाइन के तार झूल रहे हैं। शिकायत के बाद भी तारों की सही नहीं किया जा रहा था।

सूदनपुर में मौत बनकर पहले भी दौड़ा था करंट
गांववालों ने बताया कि कुछ समय पहले भी इसी तरह से करंट गांव के घरों में दौड़ा था। तब भी कई घरों की केबल जल गई थी। लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए थे। किसी तरह जनहानि बच गई थी। लोगों ने पावर कारपोरेशन अफसरों के साथ नेताओं से भी जर्जर तार और ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए मदद मांगी थी। पत्र भी लिखे थे मगर किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। इसी वजह से गांव के होनहार छात्र सुभाष और दिव्यांग कुंवरपाल की जान चली गई। अनहोनी से गांव सदमे और शोक में है। अफसर मदद व मुआवजे की बातें कर रहे हैं। दूसरी ओर, गांववाले खासे गुस्से में दिखाई दे रहे हैं।

पीड़ित परिवार को 5-5 लाख, नौकरी का भरोसा
सूदनपुर में बिजली हादसे के बाद मौके पर पहुंचे बिजली निगम के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश, एक्सईएन गुरुदेव कुमार, एसडीओ रमेश कुमार, अवर अभियंता नीरज कुमार ने लोगों से घटनाक्रम की जानकारी की। जांच का भरोसा दिया। चीफ इंजीनियर ने मृतकों के परिजनों को पांच-पाच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ झुलसी महिला के उपचार का खर्च निगम द्वारा उठाने का आश्वासन दिया। ये भी कहा कि दोनों मृतकों के परिजनों में एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी भी दी जाएगी।

होनहार सुभाष की मौत से टूटे मजदूर पिता के सपने
हाईटेंशन लाइन टूटने से जान गंवाने वाला सुभाष 10वीं का छात्र था और तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पढ़ने में काफी होशियार था। पिता ऊदल सिंह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। तंगी के बाद भी किसी तरह होनहार बेटे की पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे। सुभाष की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिवार की उम्मीदें टूट गई हैं। वहीं कुंवरपाल पैर से दिव्यांग था और कपड़ों की सिलाई कर गुजारा करता था। उसके मां और बाप का निधन हो चुका था। कुंवरपाल की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जलते बेटे को बचाने में खुद भी झुलसी मां
शनिवार सुबह जिस मां ने बच्चे को खाना खिलाने के बाद स्कूल को भेजा तभी घर के दरवाजे पर ही मौत बनकर आई बिजली के करंट ने घेर लिया। करंट लगते ही मां सुनीता बेटे सुभाष को बचाने दौड़ी। करंट की चपेट में आए मां बेटे दोने में मां के सामने ही उसके कलेजे के टुकड़े की मौत हो गई, जबकि वह गंभीर रूप से झुलस गई।

विभागीय रिकॉर्ड में 6.53 पर लाइन हुई ट्रिप
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि शनिवार सुबह अलीगंज उपकेंद्र के लॉग बुक में छह बजकर 53 मिनट पर लाइन ट्रिप हुई। घटनास्थल पर एक चिड़िया भी मृत मिली है। इंसुलेटर भी भष्ट मिला। पूरे गांव में एबीसी बंच केबल से बिजली की सप्लाई हो रही है। पास से निकली 11 हजार केवी लाइन का तार टूटकर बंच केबल के न्यूटल के फ्यूज में जाकर टच होने से करंट आने से दो लोगों की मौत व एक महिला झूलस गई।

अफसर बोले, अभी लापरवाही सामने नहीं आई
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि घटना की जानकारी पर स्वयं मौके पर जाकर जांच की। प्रथम दृष्टयता किसी की लापरवाही नहीं मिली है। फिर भी मामले में विस्तृत जांच कराई जा रही है। मृतक के परिजनों को पांच-पाच लाख रुपये व एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया है। झुलसी महिला के उपचार का खर्च विभाग उठाएगा।

देहात में हादसा, शहर में सबक..दौड़ने लगीं टीमें
अलीगंज क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन टूटने से दो लोगों की मौत के बाद देहात क्या, शहर में भी बिजली निगम की टीमें जर्जर तार और खतरनाक लाइन खोजती नजर आईं। अधीक्षण अभियंता (एसई) धर्मेंद्र कुमार और एक्ससीएन समेत पूरी टीम ने कई इलाकों का निरीक्षण किया। वन खंडी नाथ फीडर की ओवरहेड विद्युत लाइन का गहन परीक्षण किया गया जो कई स्थानों पर सीधे रिहायशी घरों के ऊपर से गुजर रही है। निरीक्षण के दौरान दुर्गा नगर पावर हाउस क्षेत्र में भी विद्युत लाइनों की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर तारें जर्जर अवस्था में हैं तथा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि लंबे समय से ये हाई वोल्टेज लाइनें घरों के ऊपर से गुजर रही हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने विभागीय लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार की मांग की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुधार कार्य किए जाएंगे तथा खतरनाक लाइनों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिया जाएगा। घायल महिला सुनीता के पूरे इलाज का खर्च निगम वहन करेगा। मृतकों के परिजनों में से 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुके एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी मिलेगी। निगम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच भी कराई जाएगी।

 

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