Bareilly:तीन बच्चों की मौत से तिलमास में मातम, परिवारों को मिला कभी न भरने वाले जख्म 

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली/मीरगंज। मीरगंज क्षेत्र के गांव तिलमास में तीन बच्चों की मौत से मातम पसरा है। रविवार का दिन तीन परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। एक साथ तीन घरों के बच्चे गहरे तालाब में एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में जान गंवा बैठे। हादसे से हर कोई गम और सदमे में है।

गांववालों ने बताया कि, सभी बच्चे दोपहर के समय बिना बताए घर से निकले थे और पास ही स्थित मछली पालन वाले तालाब पर नहाने पहुंच गए थे। खेल-खेल में शुरू हुआ यह सफर कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। बताया जा रहा है कि नहाते समय एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य बच्चे भी पानी में कूद पड़े, लेकिन फिसलन भरी मिट्टी और गहराई के कारण तीनों बाहर नहीं निकल सके।

पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से तीनों के शव बाहर निकाले गए। जैसे ही बच्चों के शव सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंचे, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि सूचना करीब शाम 4:30 बजे मिली थी। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट है कि तीनों बच्चे नहाने के दौरान डूब गए। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

एक बच्चे का अंतिम संस्कार, दो का कल होगा
त्रिवेंद्र के परिजनों ने रविवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं आयुष और अंश का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आयुष के पिता नोएडा में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं, जबकि अंश के पिता गांव में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस हादसे ने तीनों परिवारों की जिंदगी को गहरे दुख में डुबो दिया है।

मत्स्य पालन के तालाब पर सुरक्षा के सवाल
ग्रामीणों के अनुसार जिस तालाब में यह हादसा हुआ, वह सड़क किनारे स्थित है और यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। तालाब की गहराई करीब छह फीट बताई जा रही है, लेकिन न तो यहां चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही घेराबंदी की गई है। ग्रामीणों ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे तालाब पर सुरक्षा के इंतजामों के साथ निगरानी को चौकीदार-कर्मचारी भी होना चाहिए था। ऐसा होता तो बच्चों की जान बच सकती थी।

 

संबंधित समाचार