Bareilly : फर्जी वर्कऑर्डर से बांटी नौकरियां, संस्था पर एफआईआर

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Published By Pradeep Kumar
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कृषि विभाग में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर की नियुक्तियां

बरेली, अमृत विचार। कृषि विभाग में किसान रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्य के नाम पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। लखनऊ की संस्था ''राधे कृष्णा इंटरप्राइजेज सहज सुलभ बलराम समिति'' ने कूटरचित दस्तावेजों और कृषि निदेशालय के फर्जी वर्क ऑर्डर के सहारे कई युवाओं को ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पदों पर तैनात कर दिया। मामला तब खुला जब नियुक्तियों की सूचना डाक के जरिए डीएम तक पहुंची। जांच में पता चला कि विभाग ने ऐसा कोई आदेश कभी जारी ही नहीं किया था। वर्क ऑर्डर पर निदेशक के हस्ताक्षर भी नकली थे। डीएम के निर्देश पर उप कृषि निदेशक ने संस्था के खिलाफ भोजीपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।

उप कृषि निदेशक हिमांशु पांडेय ने बताया कि संस्था ने फर्जी शासनादेश का हवाला देकर खुद को कृषि विभाग से अधिकृत बताया असैर आलमपुर जाफराबाद, मीरगंज और सदर तहसील क्षेत्र के ऋषभ पाल, अजय वर्मा, महेशपाल, संतोष कश्यप समेत कई युवाओं को नियुक्त किया था। फर्जीबाड़े को असली रूप देने के लिए संस्था ने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से योगदान आख्या भी जिलाधिकारी को भेजी थी। विभाग ने जब दस्तावेजों और वर्क ऑर्डर का परीक्षण किया, तो पाया गया कि ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ था। निदेशक के हस्ताक्षर फर्जी थे। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि 13 अक्टूबर 2025 का कथित शासनादेश पूरी तरह असत्य है और इसकी कोई कानूनी वैधता नहीं है। यही नहीं, संस्था ने जीएसटी नंबर का उल्लेख कर भी विभाग को गुमराह किया। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। उप कृषि निदेशक ने संस्था के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी है।

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