Appointment Letter : सीएम योगी ने नवचयनित लेखा परीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र, बोले- उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर राज्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य आज बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को अपने वित्तीय संसाधनों के दम पर पूरा करने की क्षमता रखता है और अब यह "रेवेन्यू सरप्लस स्टेट" बन चुका है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित लोकभवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के लिए नवचयनित 371 लेखा परीक्षकों तथा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के 129 नवचयनित कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को "बीमारू राज्य" माना जाता था और वित्तीय स्थिति कमजोर थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय राज्य को कर्ज देने के लिए बैंक भी तैयार नहीं होते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसी करीब 600 किलोमीटर लंबी परियोजना बिना बैंक कर्ज के राज्य के संसाधनों से पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों में उत्तर प्रदेश में निवेश करने की होड़ है।
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उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले योजनाओं की लागत कई गुना बढ़ जाती थी और परियोजनाएं अधूरी रह जाती थीं। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत कर राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट को तीन गुना करने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण अब तक नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और गोपनीय होती है, जिसमें किसी प्रकार की सिफारिश की कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी समस्याएं थीं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में "कत्तई बर्दाश्त नहीं" की नीति के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने कार्य से राज्य के वित्तीय ढांचे को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
