Barabanki News: राशन e-KYC के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी, खाद विक्रेता समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज, जानें पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी के बसौली गांव में राशन कार्ड ई-केवाईसी के नाम पर किसानों के आधार और बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से यूरिया खाद निकाले जाने का मामला सामने आया है। जांच के बाद खाद विक्रेता समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

बाराबंकी, अमृत विचार । तहसील फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम बसौली में राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराने के नाम पर ग्रामीणों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से यूरिया खाद निकाल ली गई। मामले में खाद विक्रेता, उसके कर्मचारी तथा गांव के दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में ग्राम बसौली के ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि करीब दो माह पहले कुछ लोगों ने राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराने के बहाने उनके आधार कार्ड और अंगूठे का सत्यापन कराया। बाद में जब किसान यूरिया खाद लेने सहकारी समिति पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम पहले ही खाद निर्गत दिखाई जा चुकी है, जबकि उन्होंने कोई उर्वरक खरीदा ही नहीं।

डीएम के निर्देश पर कृषि और पूर्ति विभाग द्वारा संयुक्त जांच की गई। जांच में ग्रामीणों ने बताया कि राहुल वर्मा नामक व्यक्ति ने कोटेदार के पति सुनित मिश्रा और शुभम मिश्रा के सहयोग से गांव में ई-केवाईसी के नाम पर आधार और अंगूठे का उपयोग कर खाद की फर्जी निकासी की। कई ग्रामीणों ने लिखित बयान दिए।

जांच के दौरान राहुल वर्मा ने स्वीकार किया कि वह मेसर्स तिवारी फर्टिलाइजर्स, भिरिया चौराहा पर कर्मचारी के रूप में कार्य करता है। उसने बताया कि दुकान संचालक मनमोहन तिवारी के कहने पर गांव में पीओएस मशीन लेकर गया था और ग्रामीणों के नाम पर यूरिया खाद खारिज की गई। उसने यह भी बताया कि इस कार्य के एवज में सुनित मिश्रा और शुभम मिश्रा को ऑनलाइन भुगतान किया गया था।

कृषि विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि कई नाबालिग बच्चों के नाम और आधार संख्या का उपयोग कर भी यूरिया खाद की फर्जी निकासी दर्शाई गई। जिला कृषि अधिकारी की ओर से थाना मोहम्मदपुर खाला पुलिस को दी गई तहरीर पर खाद विक्रेता मनमोहन तिवारी, कर्मचारी राहुल वर्मा तथा सुनित मिश्रा और शुभम मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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