गोंडा में तंत्र-मंत्र का खेल बेनकाब, 26.95 लाख की नकदी समेत तांत्रिक गिरफ्तार
- गृह शांति के नाम पर गिरोह बनाकर करता था ठगी - मनकापुर पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
गोंडा, अमृत विचार: पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र और विशेष अनुष्ठान के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपये व जेवरात हड़पने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को मनकापुर पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से 26 लाख 95 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक ने बताया कि मनकापुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बंदरहा मार्ग पर हरसिंहवा गांव जाने वाले रास्ते से मेरठ निवासी शफीक अली उर्फ बड़े पुजारी को गिरफ्तार किया। उसके पास मौजूद नीले रंग के बैग से 26.95 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
आरोपी मेरठ जिले का रहने वाला है। गोंडा और बहराइच में दर्ज कई धोखाधड़ी के मुकदमों में उसकी तलाश की जा रही थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय भेज दिया है। एएसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
अखबार में छपे पर्चे से शुरू हुआ ठगी का खेल
मामले का खुलासा तब हुआ जब मनकापुर कस्बे के आजाद नगर निवासी सुशील सोनी उर्फ गोपाल ने छह मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अखबार के साथ आए एक पर्चे में ‘शिव शक्ति ज्योति एवं आध्यात्मिक अनुसंधान’ नामक संस्था का विज्ञापन देखकर उन्होंने संपर्क किया था। खुद को बाबा बताने वाले आरोपियों ने परिवार की समस्याओं के समाधान और गृहदशा सुधारने के नाम पर पूजा-अनुष्ठान शुरू कराया। आरोपियों ने घर के सोने-चांदी के जेवर एक स्टील के डिब्बे में रखवाकर एक कमरे में पूजा शुरू कराई और 65 दिन तक कमरे को बंद रखने की सलाह दी। कुछ दिनों बाद बाबा ने अपनी मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर आना बंद कर दिया। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। संदेह होने पर जब परिवार ने कमरे का ताला खोला तो वहां रखे सभी जेवर और अन्य सामान गायब मिले।
पहले पांच आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
एएसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए गठित टीम ने 7 मई को इस गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों नमशेर, हसरत अली, इमरान, इन्साद और तोहिद को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से करीब दो लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, फर्जी नंबर प्लेट लगी आई-10 कार और अन्य सामान बरामद किया गया था। उस समय से पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना शफीक अली की तलाश में जुटी थी। आरोपी तांत्रिक को पकड़ने वाली पुलिस टीम में मनकापुर थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर व एसओजी प्रभारी मनीष कुमार समेत अन्य शामिल रहे।
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