असम चुनाव परिणाम : भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं का जश्न, चुनावी रुझानों में राजग को बड़ी बढ़त

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Published By Anjali Singh
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गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जालुकबारी सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की विदिशा एन. पर 11,939 मतों के अंतर से बढ़त बना ली है जहां से वह लगातार छठी बार जीत हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से यह जानकारी दी गई। मतगणना के तीसरे चरण के बाद शर्मा को 18,805 वोट मिले, जबकि विदिशा को 6,866 वोट प्राप्त हुए। 

असम भाजपा मुख्यालय में सोमवार दोपहर को उत्सव का माहौल नजर आया जब पार्टी कार्यकर्ता जश्न मनाने लगे, क्योंकि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 98 में आगे है। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर बसिष्ठा स्थित वाजपेयी भवन में भगवा झंडे लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाए, नृत्य किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाया, साथ ही 'जॉय आई असम' और 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए। उन्होंने राज्य भाजपा मुख्यालय के सामने से गुजरने वाले लोगों को मिठाई भी बांटी। 

भाजपा नेता 1996 में इस सीट से अपना पहला चुनाव जीतने में असफल रहे थे, जब वह कांग्रेस में थे। 2001 से उनकी जीत का सिलसिला जारी रहा और हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर बढ़ता गया, और 2021 में उन्होंने 1,01,000 मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। वहीं, असम में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया, अखिल गोगोई, लुरिंज्योति गोगोई, जगदीश भुइयां और राजेन गोहेन समेत सभी प्रमुख विपक्षी नेता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पिछड़ गए हैं। 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई जोरहाट सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी से 9285 वोट से पीछे हैं। कांग्रेस नेता सैकिया शिवसागर जिले की नजीरा सीट से 6,300 मतों से पीछे हैं। मतगणना के तीसरे चरण के बाद भाजपा के मयूर बोरगोहेन को 16,770 वोट मिले, जबकि सैकिया को 10,470 वोट मिले। दो चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद रायजोर दल के अध्यक्ष एवं विधायक अखिल गोगोई शिवसागर सीट पर पिछड़ गए हैं। 

उन्हें 6,944 वोट मिले, जबकि भाजपा के कुशल दुवारी को 8,478 वोट मिले। इसी सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी असम गण परिषद के प्रदीप हजारिका को 896 वोट मिले। असम जातीय परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई भी खोवांग सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चक्रधर गगोई से पीछे हैं। पांच चरण पूरे होने के बाद गोगोई को 18,672 वोट मिले, जबकि चक्रधर गोगोई को 23,833 वोट प्राप्त हुए। 

सदिया में तीन चरण की मतगणना के बाद असम जातीय परिषद के महासचिव जगदीश भुइयां 7,752 मतों के अंतर से पीछे हैं। उन्हें 7416 वोट मिले, जबकि भाजपा के बोलिन चेतिया को 15168 वोट मिले। चुनाव से पहले असम जातीय परिषद में शामिल हुए भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन भाजपा विधायक जीतू गोस्वामी से पीछे हैं।

दूसरी ओर, बीनाकांडी से चुनाव लड़ रहे ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पांच चरणों की मतगणना के बाद असम जातीय परिषद के रेजाउल करीम चौधरी से 1,256 मतों के अंतर से आगे हैं। अजमल को 20,135 वोट मिले, जबकि चौधरी को 18,879 वोट मिले। 

निर्वाचन आयोग के अनुसार, सत्तारूढ़ राजग असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में दिख रहा है, क्योंकि वह 98 विधानसभा क्षेत्रों में आगे है। सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 64 है। असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने रुझान आने के बाद राज्य पार्टी कार्यालय में प्रार्थना की। भाजपा प्रवक्ता मीता नाथ बोरा ने बताया, "यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा किए गए जनहितैषी कार्यों की जीत है। यह जनता की जीत है... आज मैं रो रहा हूं, लेकिन ये खुशी के आंसू हैं।" 

भाजपा कार्यालय परिसर में 'नागरा नाम' की एक टीम को प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था, और पार्टी कार्यकर्ता ढोल की थाप पर नाच रहे थे। 'नागरा नाम' निचले असम की एक भक्तिमय लोक संगीत परंपरा है, जिसकी जड़ें श्रीमंत शंकरदेव और माधवदेव के नव-वैष्णव भक्ति आंदोलन से जुड़ी हैं। मुख्यालय को गुब्बारों और सजावटी लाइट से सुसज्जित करके एक भव्य समारोह के लिए तैयार किया जा रहा है। भाजपा के एक अधिकारी ने बताया कि जीतने वाले दल के अधिकतर उम्मीदवार जश्न में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूद हैं। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों से आने वाले उम्मीदवार शाम को कार्यालय पहुंचेंगे।

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