सुल्तानपुर का चित्रगुप्त धाम संवरने को तैयार, मैनपुरी-महराजगंज पर्यटन विकास को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ, अमृत विचार : सुल्तानपुर के सीताकुंड परिसर में स्थित श्री चित्रगुप्त धाम मंदिर का कायाकल्प तेजी से जारी है। पर्यटन विभाग द्वारा करीब 2.87 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे विकास कार्यों में लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य अंतिम चरण में है। गोमती तट के समीप स्थित यह मंदिर भगवान चित्रगुप्त को समर्पित है और विशेष रूप से कायस्थ समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। वर्ष भर यहां श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है, वहीं पर्व-त्योहारों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि चित्रगुप्त धाम का विकास सुल्तानपुर को नई पहचान देगा और इसे एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
मैनपुरी में 18 परियोजनाओं के लिए 22.29 करोड़ मंजूर
उप्र. पर्यटन विभाग ने आगरा मंडल के मैनपुरी में पर्यटन विकास को गति देते हुए 18 परियोजनाओं के लिए 22 करोड़ 29 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं के तहत जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सत्तेश्वर महादेव मंदिर, आर्य समाज मंदिर, बजरंगबली हनुमान मंदिर, मां गंगा देवी मंदिर, नरसिंह धाम सहित कई प्रमुख स्थलों का विकास कराया जाएगा। इसके अलावा चंद्रपुरा नैनसुख महाराज मंदिर, शंकर जी मंदिर, ब्रह्मदेव-शिव मंदिर, वनखंडेश्वर आश्रम और सिद्धेश्वर महादेव मंदिर जैसे स्थलों को भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोहिया पार्क सहित अन्य स्थानों पर भी अवस्थापना सुविधाएं विकसित होंगी। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को सौंपी गई है।
महराजगंज में 6.86 करोड़ मंजूर
पर्यटन विभाग ने गोरखपुर मंडल के महराजगंज में पर्यटन विकास को गति देते हुए 9 परियोजनाओं के लिए 6 करोड़ 86 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सिसवा मनिपरगढ़ मंदिर, राम जानकी मंदिर, चांचाई माता मंदिर, बेलहिया पीठ, दुर्गा मंदिर सहित कई प्रमुख स्थलों का विकास कराया जाएगा। इसके अलावा हनुमान मंदिर, जगन्नाथ धाम, बनदेवी स्थान और प्राचीन शिव मंदिर में भी अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सीएनडीएस को सौंपी गई।
