कानपुर : जीपीएस डिवाइस बिना नहीं मिलेगा परमिट, हजारों कमर्शियल वाहन ठप
कानपुर, अमृत विचार। सरकार ने सभी कमर्शियल वाहनों में जीपीएस सिस्टम यानी वीएलटीडी लगाना अनिवार्य कर दिया है। वीएलटीडी सिस्टम नहीं होने से 50 हजार से अधिक कमर्शियल वाहन ठप हो गये हैं जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पूरी तरह से चरमरा गया है।
दरअअसल जीपीएस आधारित सिस्टम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना प्रत्येक कमर्शियल वाहन में लगाना जरूरी कर दिया गया है। वाहनों में ये सिस्टम लगने के बाद वाहन की लोकेशन दो जगह होगी। एक वाहन स्वामी के पास और दूसरी सरकार के पास। यदि किसी वाहन को आरटीओ, ट्रैफिक या क्राइम ब्रांच को पकड़ना होगा तो बिना किसी देरी से तुरंत पता चल जाएगा कि वाहन कहा है, और उसे पकड़ लिया जाएगा।
मंगलवार को यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन की टीम संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन राकेंद्र कुमार से मिली और उनसे गुहार लगायी कि तीन माह के लिए इस सिस्टम से छूट दी जाए क्योंकि सरकार के द्वारा लिये गये अचानक इस फैसले से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पूरी तरह चरमरा गया है।
2019 के पहले वाले वाहनों के लिए मुसीबत
वर्तमान में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के वाहन वीएलटीडी सिस्टम में नहीं आ रहे हैं जिससे मुसीबत बढ़ गई है, कानपुर नगर में ही लगभग 25 हजार ट्रक, 20 हजार से अधिक छोटे कामर्शिय वाहन ऐसे हैं जो 2019 के पहले की हैं, ऐसे वाहनों के लिए ये सिस्टम नहीं मिल रहा है जिससे ये सभी वाहन खडे़ हो गये हैं। वर्ष 2019 के बाद के जो वाहन हैं, उनमें भी ये सिस्टम लगाने में वाहन स्वामी पसीने छोड़ रहे हैं क्योंकि ये सिस्टम कहीं मिल नहीं रहा है।
शो रुम और कंपनियों ने हाथ खड़े किये
ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों का कहना है कि जिस कंपनी के वाहन हैं, उनके पास भी ये सिस्टम नहीं है, जैसे आयशर कंपनी के पास सिस्टम लगाने का सरकार का एप्रूवल है लेकिन टाटा कंपनी के पास नही है, ऐसे में लाखों वाहन जो कि टाटा कंपनी से लिये गये हैं, उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गयी है।
क्या है वीएलटीडी सिस्टम
वीएलटीडी का मतलब व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस होता है जो जीपीएस आधारित सुरक्षा उपकरण है, ये सिस्टम वाहनों की रीयल टाइमिंग, लोकेशन ट्रैक करता है और आपातकालीन स्थिति के लिए उपयोगी है। ये देश में सार्वजनिक और व्यवासायिक वाहनों के लिए अनिवार्य है।
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस
- बिना वीएलटीडी के अब यूपी सहित कई राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र और फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।
- ये डिवाइस सार्वजनिक बसों, स्कूली वाहनों, टैक्सियों, कैब व नेशनल परमिट वाले कामर्शियल वाहनों के लिए जरुरी है।
- ये डिवाइस वाहनों की सुरक्षा बढ़ाता है, चोरी रोकने और हादसे के समय सहायता के लिए होता है।
- इसमें एक पैनिक बटन होता है, जो आपात स्थिति में नियंत्रण केंद्र को अलर्ट करता है।
- ये डिवाइस एआईएस 140 प्रमाणित होना अनिवार्य है।
क्या बोले अधिकारी
शो रुम से जो नए कामर्शियल वाहन निकल रहे हैं, उनमें ये डिवाइस लगा है। पुराने वाहनों में भी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य है... राकेंद्र कुमार सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन कानपुर नगर।
