समितियों को सशक्त किए बिना लोकतंत्र अधूरा : सतीश महाना
राज्य ब्यूरो, लखनऊ/जयपुर, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि लोकतंत्र को प्रभावी और जवाबदेह बनाने में समिति प्रणाली की निर्णायक भूमिका होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समितियों को सशक्त किए बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था अधूरी रह जाती है।
जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक में मंगलवार को महाना ने कहा कि विधानसभा समितियां मिनी सदन के रूप में कार्य करती हैं, जहां विषयों पर विस्तृत और गहन चर्चा संभव होती है। इससे निर्णय अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए वायदों को धरातल पर उतारने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में समितियां अहम भूमिका निभाती हैं। यदि उनकी सिफारिशों पर समयबद्ध और गंभीरता से अमल किया जाए, तो शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार संभव है।
महाना ने सुझाव दिया कि महत्वपूर्ण विधेयकों को अनिवार्य रूप से समितियों के पास भेजा जाना चाहिए, ताकि उनकी सूक्ष्म समीक्षा हो सके। उन्होंने समिति प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेषज्ञों की भागीदारी, आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित प्रशिक्षण और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता नरेंद्र सिंह तोमर ने की, जबकि वसुदेव देवनानी ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में समिति प्रणाली की प्रभावशीलता बढ़ाने और संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
