लखनऊ में फर्जी किन्नर गिरोह का भंडाफोड़ : पुलिस ने महिलाओं को लूटने वाले गिरोह के 3 सदस्य किये गिरफ्तार
लखनऊ। लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को किन्नरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया जो बाजारों और आवासीय इलाकों में महिलाओं को डरा-धमकाकर पैसे और कीमती सामान ऐंठने में शामिल था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि तीन आरोपियों अजय रावत उर्फ रानी (23), आकाश गुप्ता उर्फ कामौलिका उर्फ कम्मो (24), और रफीक अहमद (44) को बिजनौर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में डकैती की एक घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य आरोपी अन्नू (लगभग 23) फरार है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह पीड़ितों, विशेषकर महिलाओं पर नकदी या आभूषण सौंपने के लिए दबाव डालने के लिए किन्नर के रूप में अपनी पहचान का फायदा उठाता था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अमित कुमार आनंद ने संवाददाताओं से कहा कि आरोपियों ने अनजान पीड़ितों को निशाना बनाने के लिए सोची-समझी रणनीति अपनाई।
अपर पुलिस उपायुक्त वसंत कुमार के साथ मौजूद आनंद ने कहा, "वे बाजारों या आवासीय इलाकों में महिलाओं से संपर्क कर दावा करते थे कि उनके घर में शादी है और पैसे की मांग करते हैं। अगर पीड़ित इनकार करते, तो आरोपी घबराहट और शर्मिंदगी पैदा करने के लिए अपने कपड़े उतारने सहित अश्लील व्यवहार करते थे और फिर जबरन आभूषण छीन लेते थे।" उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में, विरोध करने पर आरोपी हिंसक भी हो गए।
पुलिस ने कहा कि विभिन्न स्थानों से लगभग 100-150 सीसीटीवी कैमरा फुटेज की जांच के बाद सफलता मिली। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी बालियां और अपराध में इस्तेमाल वैगन आर कार बरामद की। उनकी गिरफ्तारी चार मई की एक घटना से संबंधित है जब सुबह की सैर पर निकली दो महिलाओं को आरोपियों ने धमकी देकर जबरन उनका मंगलसूत्र और बालियां छीन लीं।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की और कहा कि उन्होंने लूटे गए आभूषणों को आपस में बांट लिया था। भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, और वस्तुओं की बरामदगी के बाद अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं।
