Bareilly:अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खत्म करेगा टैक्स बिलों की हेराफेरी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। शहर की संपत्ति कर व्यवस्था में करीब पौने दो लाख करदाताओं को राहत देते हुए नगर निगम ने बिलिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा लिया है। शासन की ओर से तैयार कराए गए इस विशेष सॉफ्टवेयर का ट्रायल पूरा हो चुका है, जो अब पुराने ढर्रे पर चल रहे टैक्स विभाग को डिजिटल रफ्तार देगा।

दरअसल, बीते दो-तीन सालों में नगर निगम का कर विभाग शिकायतों का केंद्र बन गया था। पुराने सॉफ्टवेयर की तकनीकी कमियों के चलते किसी का क्षेत्रफल ज्यादा दर्ज हो जाता था, तो किसी को लाखों का फर्जी बिल थमा दिया जाता था। इस अव्यवस्था से न केवल आम जनता नाराज थी, बल्कि निगम की छवि भी धूमिल हो रही थी। बार-बार संशोधनों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई थी। अब एआई तकनीक लागू होने से टैक्स निर्धारण के लिए वास्तविक तस्वीरें और फ्लोर की सटीक जानकारी सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी।

एआई इन तस्वीरों और डेटा का मिलान कर खुद-ब-खुद हाउस, वाटर और सीवर टैक्स की गणना कर बिल जनरेट कर देगा। इस पारदर्शी व्यवस्था से जहां एक ओर निगम के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर करदाताओं को सही बिल प्राप्त होंगे।

लंबे समय से करदाताओं को तकनीकी खामियों के कारण गलत बिल मिल रहे थे, जिससे काफी असुविधा हो रही थी। अब शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए एआई आधारित सॉफ्टवेयर से यह समस्या स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी। नए सिस्टम में मकान की फोटो और सटीक क्षेत्रफल फीड होने से पारदर्शिता आएगी।
पीके द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, 

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