बेवफा पत्नी ! मजदूर पति ने भैंस और गन्ना बेचकर बनाया एएनएम, अब पति संग रहने से इंकार, 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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गोंडा, अमृत विचार। गोंडा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी तुलना लोग चर्चित “ज्योति मौर्या प्रकरण” से कर रहे हैं। मोतीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने मजदूरी कर, भैंस और गन्ना बेचकर पत्नी को एएनएम का कोर्स कराया, लेकिन अब नौकरी मिलने के बाद पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं है।

पीड़ित पति ने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए पढ़ाई में खर्च किए गए रुपये और जेवर वापस दिलाने की मांग की है। मामला मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव निवासी 28 वर्षीय राजेश कुमार वर्मा पुत्र परशुराम वर्मा का है। राजेश का आरोप है कि उसने पंजाब में रहकर मजदूरी और लोहे की पल्लेदारी कर अपनी पत्नी रेनू वर्मा की पढ़ाई पूरी कराई। इसके लिए उसने दो भैंसें बेचीं, गन्ना बेचा और करीब डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन भेजे। अब पत्नी एएनएम कोर्स पूरा कर अस्पताल में काम करने लगी है, लेकिन उसके साथ घर आने को तैयार नहीं है। 

राजेश ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2001 में पिपरा लालच गांव निवासी राम उजागर की पुत्री रेनू वर्मा से हुई थी। उस समय दोनों की उम्र काफी कम थी। वर्ष 2018 में गौना होने के बाद रेनू कुछ समय तक ससुराल में रही, फिर उसने एएनएम कोर्स करने की इच्छा जताई। राजेश के अनुसार उसने पत्नी की पढ़ाई के लिए हरसंभव आर्थिक मदद की।

पीड़ित का आरोप है कि अब पत्नी और ससुराल पक्ष उस पर माता-पिता छोड़कर अलग रहने का दबाव बना रहे हैं। राजेश का कहना है कि उसकी मां अंधी हैं और पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, ऐसे में वह उन्हें छोड़कर अलग नहीं रह सकता। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने 10 लाख रुपये देने की मांग करते हुए मामला खत्म करने की बात कही है। राजेश कुमार वर्मा ने सीओ शिल्पा वर्मा को शिकायती पत्र देकर न्याय की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि पत्नी शादी और गौना के समय दिए गए जेवर भी अपने पास रखे हुए है। 

पीड़ित ने अधिकारियों से पैसा और जेवर वापस दिलाने के साथ ही मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। राजेश ने बताया कि पत्नी ने पहले भरोसा दिलाया था कि नौकरी लगने तक वह ससुराल में रहेगी और नौकरी लगने के बाद जहां पोस्टिंग होगी, दोनों साथ रहेंगे। लेकिन अब वह उसके साथ रहने से इनकार कर रही है। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

रेनू वर्मा का पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
अपनी पढ़ाई और नौकरी के लिए पति व ससुराल पक्ष से किसी भी तरह की आर्थिक मदद न मिलने का दावा करते हुए रेनू वर्मा ने उनके आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।रेनू ने कहा कि जब भी वह ससुराल जाती थीं, पति और ससुराल वाले उनके साथ मारपीट करते थे। इसी वजह से वह वहां तीन-चार दिन से ज्यादा नहीं रह पाती थीं।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष ने उनकी पढ़ाई के लिए एक रुपया भी मदद नहीं किया। आर्थिक तंगी के कारण एक बार तो वह परीक्षा फॉर्म भरने में भी असमर्थ हो गई थीं। बाद में किसी तरह पैसे का इंतजाम करके उन्होंने पढ़ाई पूरी की और परीक्षा दी। पैसे मांगने के सवाल पर रेनू वर्मा ने स्पष्ट किया, “मैंने अपनी पढ़ाई और नौकरी हासिल करने में खर्च किया है, इसलिए उसका हिसाब जरूर मांगूंगी।”
 
रेनू वर्मा ने बताया कि उन्होंने पति से कहा था कि वह गोंडा में उनके साथ रहें। जब समय मिलेगा, तब वह ससुराल जाएंगी। लेकिन पति और ससुराल पक्ष लगातार उन्हें गांव में रहने का दबाव डाल रहे हैं। रेनू ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति गोंडा स्थित किराए के कमरे पर आकर उनके साथ मारपीट कर चुके हैं। उन्होंने इस मामले में एसपी कार्यालय से लेकर महिला थाने तक कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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