नोएडा जिला अस्पताल में जटिल ऑपरेशन सफल, सिजेरियन के साथ निकाली 14 सेंटीमीटर की फाइब्रॉएड गांठ
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए प्रसूता और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बचाई। डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी के दौरान गर्भाशय में मौजूद करीब 7×14 सेंटीमीटर की बड़ी फाइब्रॉएड गांठ को भी सफलतापूर्वक निकाल दिया। अस्पताल प्रशासन द्वारा शनिवार को ऑपरेशन के संबंध जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि शुक्रवार को पहली बार गर्भवती हुई महिला को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जांच में सामान्य प्रसव में कठिनाई यानी सीफेलोपेल्विक डिसप्रोपोर्शन (सीपीडी) की स्थिति सामने आई, जिसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल सिजेरियन डिलीवरी का निर्णय लिया। ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ शिशु का जन्म कराया। इसी दौरान चिकित्सकों को गर्भाशय में लगभग 7×14 सेंटीमीटर आकार की बड़ी फाइब्रॉइड गांठ दिखाई दी। यह गांठ लगातार अत्यधिक रक्तस्राव का कारण बन रही थी और भविष्य में मरीज के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती थी।
मरीज की गंभीर स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तत्काल निर्णय लेते हुए उसी ऑपरेशन के दौरान फाइब्रॉइड गांठ को भी निकाल दिया। लंबे और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के बाद सर्जरी सफल रही तथा मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह जटिल सर्जरी डॉ. दीपा और डॉ. रुचि के नेतृत्व में सम्पन्न की गई।
ऑपरेशन में डॉ. मनीषा और नर्स मोहित ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जबकि पूरी प्रक्रिया अस्पताल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अजय राणा के पर्यवेक्षण में पूरी हुई। अस्पताल की इस उपलब्धि को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान इतनी बड़ी फाइब्रॉइड गांठ के साथ सफल सिजेरियन और फाएब्रॉइड सर्जरी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
