गर्भवती महिलाओं तक औसतन 7 मिनट में पहुंच रही मदद, नि:शुल्क 102 एंबुलेंस सेवा से मातृ मृत्यु दर में आई बड़ी कमी
रोज 40 हजार से अधिक जच्चा-बच्चा हो रहे लाभान्वित
लखनऊ, अमृत विचार : गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में 102 एंबुलेंस सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सेवा के सुदृढ़ होने से प्रदेश में मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे (एसआरएस) के मुताबिक, वर्ष 2015-17 में उत्तर प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात 216 प्रति एक लाख जीवित जन्म था, जो वर्ष 2021-23 में घटकर 141 रह गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 102 सेवा के तहत 2,270 एंबुलेंस संचालित हैं। इनके माध्यम से औसतन प्रतिदिन 40,524 गर्भवती महिलाओं और नवजातों को अस्पताल पहुंचाने तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि 102 एंबुलेंस का औसत रिस्पांस टाइम घटकर 7 मिनट 6 सेकंड रह गया है, जबकि वर्ष 2016 में यह 11 मिनट 28 सेकंड था। कोविड काल के दौरान 2020 और 2021 में यह समय बढ़ा, लेकिन बाद में इसमें तेजी से सुधार हुआ।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नई एंबुलेंस शामिल की गईं। वर्ष 2019 और 2023 में कुल 2,228 पुरानी एंबुलेंस बदली गईं, जबकि सेवा विस्तार के लिए 306 अतिरिक्त एंबुलेंस जोड़ी गईं।
रिस्पांस टाइम सबसे कम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि 102 सेवा के बेहतर संचालन से गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार मिल रहा है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश का 7 मिनट 6 सेकंड का रिस्पांस टाइम देश में सबसे कम है। तुलना में राजस्थान का औसत समय 7 मिनट 57 सेकंड और केरल का 10 मिनट 45 सेकंड है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण तथा एंबुलेंस सेवा की बेहतर निगरानी के कारण गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल रही है, जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिला है।
