Bareilly : पंचायती जंग की तैयारी में मोटा माल फूंका, गांव-गांव दावेदार मायूस

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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पंचायत चुनाव टलने के आसार, तैयारी में जुटे लोग निराश

बरेली, अमृत विचार। जिले के ग्राम पंचायतों में प्रधानी और प्रमुखी की जंग शुरू होने से पहले ही ठंडी पड़ती नजर आ रही है। चुनाव पर छाई अनिश्चितता की धुंध ने उन दावेदारों को मायूस कर दिया है, जो गांव-गांव अपने पक्ष में माहौल बनाने को दिल खोलकर पैसे फूंक रहे थे। आलम यह है कि जो प्रत्याशी कल तक गांवों की चौपालों पर बजट लुटा रहे थे, वे चुनाव की तारीखों का एलान न होने से मायूस होकर चुनाव टलने की आशंका से डरे हुए हैं।

दरअसल, मई में ही जिले की 1188 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं जुलाई आते-आते ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का समय भी पूरा हो जाएगा। अधिसूचना में हो रही देरी यह साफ संकेत दे रही है कि अभी चुनाव टलने के हालात हैं। माना जा रहा है कि पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। यह खबर उन दावेदारों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, जिन्होंने समय से पहले ही अपनी पूरी ताकत और पूंजी के साथ मैदान में उतर चुके थे। कई दावेदार तो रंग जाने के लिए जल्दी चुनाव की उम्मीद में कर्ज तक उठा चुके थे। अब उनको ब्याज भारी पड़ रहा है। डर है कि कहीं उनका यह भारी-भरकम निवेश चुनाव टलने की भेंट न चढ़ जाए। वहीं, प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष सुधीश पांडेय का कहना है कि सरकार से मांग है कि राजस्थान और उत्तराखंड की तर्ज पर यूपी में प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया जाए।

पंचायत चुनाव की तारीखों का निर्णय शासन और चुनाव आयोग स्तर से होना है। विभाग को अभी तक अधिसूचना के संबंध में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। मई और जुलाई में कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में नियमानुसार प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि विकास कार्य और सरकारी योजनाएं प्रभावित न हों। जहां तक प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की मांग का सवाल है, इस पर जो निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - कमल किशोर, डीपीआरओ।

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