UP में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित सभी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और राज्य में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। यह बयान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन की ओर से सोमवार को संयुक्त रूप से जारी किया गया। 

बयान में कहा गया है कि प्रदेश में मजबूत बुनियादी ढांचे, सतत निगरानी व्यवस्था और प्रभावी समन्वय तंत्र के जरिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में राज्य में कुल 13,168 रिटेल आउटलेट (ऑयल कंपनियां: 12,331 और निजी: 863) तथा 28 सप्लाई लोकेशन संचालित हैं। यहां से प्रतिदिन लगभग 20 टीकेएल पेट्रोल (एमएस) और 33 टीकेएल डीजल (एचएसडी) की आपूर्ति की जा रही है। 

सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्यरत हैं और कहीं भी बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। एलपीजी आपूर्ति की स्थिति भी पूरी तरह संतुलित बताई गई है। राज्य में 4,143 डिस्ट्रीब्यूटर और 36 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से करीब 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवाएं दी जा रही हैं। 

डिस्ट्रीब्यूटर के पास औसतन 1.3 दिन का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिदिन लगभग 8 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। साथ ही 6 दिन का बैकलॉग निर्धारित बुकिंग के अनुसार पूरा किया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कमर्शियल एलपीजी का 68 प्रतिशत आवंटन स्तर बनाए रखा गया है।

अस्पतालों, औद्योगिक कैंटीन, होटल-रेस्तरां और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जा सके। एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए 94 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से की जा रही है।

वहीं 94 प्रतिशत मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे डिजिटल माध्यम से ही बुकिंग करें और डिलीवरी के समय DAC साझा कर सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत बनाएं। राज्य में करीब 21.55 लाख पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं और हाल के महीनों में 28,210 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। 

44 जनपद सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क से आच्छादित हो चुके हैं। सरकार द्वारा वेरिएंट अनुमति, पाइपलाइन बिछाने के लिए फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से इस विस्तार को गति दी जा रही है, जिससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम होगी। 

विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 33,117 निरीक्षण किए गए, 1,271 सिलेंडर जब्त किए गए, 268 एफआईआर दर्ज हुईं और 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई जारी है। 

जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा खरीदारी या स्टॉक न करें। सरकार और तेल विपणन कंपनियां आश्वस्त करती हैं कि राज्य में आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और आम जनता को निर्बाध रूप से पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 

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