सीएम योगी के हाथों चेक पाकर भावुक हुए अनुदेशक, बोले- वर्षों बाद सरकार ने दिया सम्मान, अब 17 हजार मानदेय से मिलेगी राहत

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ, अमृत विचार: लोकभवन सभागार में रविवार को आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह भावनात्मक क्षणों का साक्षी बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों बढ़े हुए मानदेय का चेक पाकर प्रदेशभर से आए अनुदेशक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वर्षों से कम मानदेय में काम करने के बावजूद वे पूरी निष्ठा से बच्चों को शिक्षित कर रहे थे, लेकिन पहली बार किसी सरकार ने उन्हें सम्मान और सुरक्षा दोनों देने का काम किया है।

योगी सरकार ने 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें और उनके परिवार को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 14 चयनित अनुदेशकों को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरित किए।

रायबरेली की अनुदेशक शिखा सिंह ने कहा कि पहले 9 हजार रुपये में परिवार चलाना बेहद कठिन था, लेकिन अब बढ़े हुए मानदेय से आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों चेक लेना उनके लिए सम्मान और गर्व का क्षण है। लखनऊ के कौशलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने केवल मानदेय नहीं बढ़ाया, बल्कि अनुदेशकों के आत्मसम्मान को भी मजबूत किया है।

अयोध्या के उपेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि सेवा में आने के बाद पहली बार अनुदेशकों के लिए इतना भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वहीं गोरखपुर के देवेंद्र लाल ने कहा कि पहले 7 हजार रुपये में जीवन यापन मुश्किल था। योगी सरकार ने पहले इसे 9 हजार और अब सीधे 17 हजार रुपये कर बड़ी राहत दी है।

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ‘होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड’ का विमोचन भी किया। यह रिपोर्ट कार्ड बाल वाटिका से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है, जिसमें केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि बच्चों के शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और व्यक्तित्व विकास का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप बड़ा कदम माना जा रहा है।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय 7 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया था और अब इसे 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं, जबकि 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चल रहे हैं। शेष ब्लॉकों में भी बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने की तैयारी है।

इन 14 अनुदेशकों को मुख्यमंत्री ने दिए चेक

गोरखपुर के देवेंद्र लाल, वाराणसी के सुभाष सिंह, अयोध्या के उपेंद्र कुमार शुक्ला, लखीमपुर खीरी के प्रवीण राणा, रायबरेली की शिखा सिंह, बाराबंकी की हिना खातून और दीप्ति वर्मा, सीतापुर की प्राची मिश्रा, हमीरपुर के कामता प्रसाद राजपूत, लखनऊ के कौशलेन्द्र सिंह और सुमित पाल, अलीगढ़ की सलोनी कसेरे, उन्नाव की रश्मि यादव तथा हरदोई की रश्मि सिंह को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

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