यूपी : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आयोग गठित, रिटायर्ड जस्टिस रामऔतार सिंह बने अध्यक्ष
अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत (स्थानीय ग्रामीण निकाय) चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग गठित हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रामऔतार सिंह आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के दो दिन बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आयोग के सदस्यों की नियुक्ति कर दी है।
अध्यक्ष के अलावा आयोग में चार अन्य सदस्य हैं-जिनमें रिटायर्ड अपर जिला न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा, रिटायर्ड अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया और रिटायर्ड आईएस अधिकारी एसपी सिंह शामिल हैं।
पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों का कार्यकाल उनकी नियुक्ति की तारीख से छह महीने तक रहेगा। अधिसूचना के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है।
क्या करेगा पिछड़ा वर्ग आयोग
-यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होना है-इसमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत शामिल है। स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय किया जाना है। आयोग ही यह आरक्षण तय करने का काम करेगा।
प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा
-अगले सप्ताह यानी 26 मई को यूपी के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। गांव-गांव चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। लेकिन ओबीसी आरक्षण तय न होने के कारण चुनाव फंस गया। अब आयोग छह महीने के भीतर आरक्षण प्रक्रिया पूरा करेगा और उसके बाद ही चुनाव होने की संभावना है।
पंचायतों में प्रशासन समिति
-स्थानीय ग्रामीण निकायों का कामकाज सुचारू रखने के लिए प्रशासन समिति बनाए जाने की चर्चाएं तेज हैं। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में प्रशासन समिति गठित की जा सकती है। हालांकि, ग्राम प्रधान चुनाव न होने तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाए हैं। पिछले दिनों उन्होंने राजधानी लखनऊ पहुंचकर प्रदर्शन भी किया था।
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