यूपी के बाहुबलियों पर हाईकोर्ट का हंटर! राजा भैया, बृजभूषण समेत कई दिग्गजों के गन लाइसेंस की जांच के आदेश

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे गन कल्चर और शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग पर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह, रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), धनंजय सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह समेत कई प्रमुख बाहुबलियों और प्रभावशाली नेताओं के शस्त्र लाइसेंसों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

कोर्ट का बड़ा आदेश

न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने संत कबीर नगर के जयशंकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से 26 मई तक पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट ने उन सभी बाहुबलियों की आपराधिक पृष्ठभूमि (कुंडली) भी तलब की है, जिनके नाम सरकारी हलफनामों में गायब बताए जा रहे हैं। साथ ही इन बाहुबलियों को दी जा रही सरकारी सुरक्षा का पूरा ब्यौरा भी मांगा गया है।

गन कल्चर पर कोर्ट की टिप्पणी

हाईकोर्ट ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस के आवंटन, नवीनीकरण और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट ने सरकारी आंकड़ों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां जानबूझकर छिपाई जा रही हैं।

प्रदेश के आंकड़े-

- उत्तर प्रदेश में कुल 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी हैं।
- 23,407 आवेदन अभी लंबित हैं।
- 6,062 लोगों को जिनके ऊपर दो या इससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें भी लाइसेंस दिए गए हैं।
- 20,960 परिवारों के पास एक से ज्यादा लाइसेंस हैं।

इनकी होगी जांच

कोर्ट ने नोएडा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर जोन के कई चर्चित बाहुबलियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें हाजी याकूब कुरैशी, अब्बास अंसारी, खान मुबारक, सुंदर सिंह भाटी, अनिल दुजाना, विजय मिश्रा, कुंटू सिंह, राजन तिवारी और अनुपम दुबे जैसे नाम शामिल हैं।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी

हाईकोर्ट ने सभी पुलिस कप्तानों और पुलिस कमिश्नरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वे शपथ-पत्र के साथ लिखित आश्वासन देंगे कि कोई जानकारी छिपाई नहीं गई है। यदि कोई तथ्य छिपाया गया तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे।

यह आदेश उत्तर प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस वितरण की पूरी व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण पर नए सिरे से बहस छेड़ने वाला है। आने वाले दिनों में कई बड़े नामों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

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