बाराबंकी : वन विभाग की जमीन पर निजी अस्पताल का कब्जा, विभागीय मिलीभगत के आरोप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

देवा/बाराबंकी, अमृत विचार। देवा-बाराबंकी मार्ग पर छपरा स्कूल के पास वन विभाग की लाखों रुपये कीमत की बेशकीमती जमीन पर निर्माणाधीन एक निजी अस्पताल द्वारा कथित अवैध कब्जे का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने सहन और सौंदर्यीकरण के नाम पर वन विभाग की जमीन पर मिट्टी भराई कर अतिक्रमण कर लिया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके हैं।

इससे विभागीय मिलीभगत के आरोप भी लगने लगे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार देवा-फतेहपुर मार्ग के दोनों ओर आबादी क्षेत्र में 60 फीट तथा गैर आबादी क्षेत्र में 75 फीट भूमि वन विभाग के अधीन आती है। नियमों के तहत इस भूमि पर विभागीय अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण या अन्य कार्य पूरी तरह गैरकानूनी माना जाता है।

3

बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन निजी अस्पताल द्वारा सड़क किनारे मिट्टी भराई कर पटाई कराई गई और अस्पताल परिसर को आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वन विभाग की भूमि पर कब्जा कर लिया गया। यह स्थान मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहां से प्रतिदिन विभागीय अधिकारियों का आवागमन होता है। इसके बावजूद लंबे समय से निर्माण कार्य जारी रहने पर विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

क्षेत्रीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी भूमि पर कब्जों को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी देवा मयंक सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मौके पर जाकर जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कब्जेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए अभियोग पंजीकृत कराया जाएगा तथा अवैध निर्माण कार्य को ध्वस्त कराया जाएगा।

संबंधित समाचार