हमें खुद से जोड़े रखते हैं शौक
जिंदगी की भागदौड़ में अक्सर हम अपने लिए समय निकालना भूल जाते हैं, लेकिन कुछ शौक ऐसे होते हैं, जो हमें खुद से जोड़े रखते हैं। फोटोग्राफी और लेखन मेरे लिए सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि सुकून का जरिया रहे हैं। यह शौक मुझे पहले से था और नौकरी में आने के बाद भी मैंने इसे कभी छोड़ा नहीं। कई बार लोग पूछते हैं कि आप फोटो और लेखन के लिए समय कहां से निकाल लेते हैं? इसका जवाब बहुत सीधा है, जिस काम से आपको प्यार होता है, उसके लिए समय अपने आप निकल ही जाता है।
शौक कभी बोझ नहीं होते, बल्कि वही हमें रोजमर्रा की जिंदगी से थोड़ा अलग ले जाकर मन को ताजगी देते हैं। इसी तरह लिखने की शुरुआत मेरी नौवीं कक्षा से हुई थी। यह सिलसिला यूं ही चलता रहा और ग्रेजुएशन तक बना रहा। आज भी मेरे पास कई डायरियां है। मेरा मानना है कि हर इंसान के पास कोई न कोई शौक जरूर होना चाहिए। ऐसा कुछ, जो उसे सुकून दे, उसे बेहतर बनाए और उसे उसकी असली पहचान से जोड़कर रखे।
- रवि, ब्लॉगर
