हल्द्वानी: बेस अस्पताल में रोजाना चार लाख किलोलीटर ऑक्सीजन का हो रहा उत्पादन, खपत 20 किलोलीटर भी नहीं
हल्द्वानी, अमृत विचार। बेस अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट शुरू हुए तीन माह का समय हो गया है। पहले से ही अस्पताल में रोजाना चार लाख किलो लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने की क्षमता है, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त सुविधा नहीं होने की वजह से ऑक्सीजन की खपत बेहद ही कम है। कोविड की दूसरी लहर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बेस अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट शुरू हुए तीन माह का समय हो गया है। पहले से ही अस्पताल में रोजाना चार लाख किलो लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने की क्षमता है, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त सुविधा नहीं होने की वजह से ऑक्सीजन की खपत बेहद ही कम है।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान जब अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए गए। इसके तहत ही बेस अस्पताल में भी तीन माह पहले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया गया। प्लांट के तकनीकी कर्मचारियों ने बताया कि इस प्लांट की क्षमता एक मिनट में 300 किलोलीटर ऑक्सीजन उत्पादन की है। एक दिन में यह प्लांट करीब 4 लाख 20 हजार किलो ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है, लेकिन दिक्कत यह है कि ऑक्सीजन उत्पादन का कुछ फायदा नहीं हो रहा है। ऑक्सीजन प्लांट की सबसे ज्यादा जरूरत आईसीयू में होती है।
वहीं, बेस में कई दिनों से नौ बेड का आईसीयू बनाए जाने की तैयारी चल रही है। हालांकि अभी भी आईसीयू शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल के पास आईसीयू के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। फिर भी अस्पताल प्रशासन दावा कर रहा है कि आईसीयू एक माह के अंदर शुरू हो जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में एचडीयू में ऑक्सीजन प्लांट की सेवा ली जा रही है। बाकी के वार्डों में पाइपलाइन नहीं होने की वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं की जा सकती है। मालूम हो कि अस्पताल में इस समय ऑक्सीजन की खपत एक दिन में 20 किलोलीटर भी नहीं हो रही है। जिस वजह से ऑक्सीजन प्लांट का सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
अस्पताल में जल्द आईसीयू शुरू हो जाएगा। अभी आईसीयू में काम चल रहा है। बाद में अस्प्ताल में ऑक्सीजन की खपत बढ़ जाएगी। -डॉ. हरीश लाल, पीएमएस, बेस अस्पताल
