बरेली: 80 साल पहले सिनेमाहाल बनाने को मिली सरकारी भूमि बेची

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बरेली, अमृत विचार। करीब 80 साल पहले बहेड़ी कस्बे में सिनेमाहाल चलाने के लिए दी गयी भूमि जालसाजी से बेच दी गयी। इसमें कई करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क भी चोरी किया गया है। जबकि नॉन जेड ए-श्रेणी-15 (2) में दर्ज यह भूमि बेची नहीं जा सकती है। इस पर मालिकाना हक राज्य सरकार का …

बरेली, अमृत विचार। करीब 80 साल पहले बहेड़ी कस्बे में सिनेमाहाल चलाने के लिए दी गयी भूमि जालसाजी से बेच दी गयी। इसमें कई करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क भी चोरी किया गया है। जबकि नॉन जेड ए-श्रेणी-15 (2) में दर्ज यह भूमि बेची नहीं जा सकती है। इस पर मालिकाना हक राज्य सरकार का रहता है। यह भूमि वरासत से भी बाहर आती है।

सिनेमाहाल की भूमि के छह गाटा हैं। इस कारण छह बैनामे हुए। चर्चा यहां तक है कि बेचने वाले ने स्व. अशोक कुमार चतुर्वेदी के कई कागजात फर्जी बनवाए और उसी आधार पर सिनेमाहाल का सौदा कर दिया। सिनेमाहाल का सौदा कराने से लेकर बैनामा कराने तक बहेड़ी के एक सब रजिस्ट्रार की बड़ी भूमिका शामिल रही है। सब रजिस्ट्रार ने मोटी रकम लेकर नॉन जेड ए श्रेणी 15 की भूमि का बैनामा कर दिया।

स्व. अशोक कुमार के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो हल्ला मच गया। मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचा। जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गयी। कुछ माह पूर्व इस प्रकरण में एआईजी स्टांप, सब रजिस्ट्रार बरेली ने बहेड़ी जाकर जांच की। कई अहम सुराग हाथ लगने के बाद जालसाजी का पर्दाफाश हुआ।

इसके बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने अपनी कोर्ट में सरकारी भूमि को गैर कानूनी तरह से बेचे जाने पर बैनामों पर स्टांप चोरी का स्टांपवाद दर्ज कर लिया जो अभी विचाराधीन है। दूसरी ओर अशोक कुमार चतुर्वेदी के परिवार के संजय चतुर्वेदी व राजेश चतुर्वेदी हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन बैनामे अभी तक निरस्त नहीं हुए हैं। अशोक कुमार की मृत्यु हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि बैनामे सिविल कोर्ट से निरस्त होंगे।

1941 में राजाराम चतुर्वेदी ने भूमि लेकर बनवाया था सिनेमा हाल
ग्राम टांडा परगना चौमहला में नॉन जेड ए 15(2) की भूमि गाटा संख्या एक रकबा 0.025 हेक्टेयर, गाटा संख्या-2 रकबा 0.063 हेक्टेयर, गाटा संख्या 3/1 रकबा 0.082 हेक्टेयर, गाटा संख्या चार रकबा 0.164 हेक्टेयर, गाटा संख्या पांच रकबा 0.114 हेक्टेयर और गाटा संख्या 17 रकबा 0.176 व गाटा संख्या 2/178 रकबा 0.023 हेक्टेयर है।

बताया जाता है कि 1941 में भूमि लेने के बाद राजाराम चतुर्वेदी ने उस पर राजा नाम से सिनेमाहाल का निर्माण कराया था जिसका उद्घाटन भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत ने किया था। कुछ सालों तक सिनेमा का संचालन चालू था। अब राजा सिनेमाहाल का नामोनिशान मिट चुका है। पूरी बिल्डिंग ध्वस्त करायी जा चुकी है। यह सिनेमा दशकों तक भारत की आजादी का जश्न समेटे रहा।

अशोक चतुर्वेदी का भूमि पर मालिकाना हक का दावा हो चुका था खारिज
जमीन को अपना बताने और कागजों में गलती से नॉन जेड ए 15(2) की भूमि दर्ज होने का दावा करते हुए स्व. राजाराम चतुर्वेदी के पुत्र अशोक कुमार चतुर्वेदी निवासी पंजाबी कालोनी कस्बा बहेड़ी ने 20 जुलाई 2018 को अपने अभिलेखों में दर्ज करने की मांग की जिसे खारिज कर दिया गया था।

30 जनवरी 2020 को वाणिज्य कर अधिकारी ने सिनेमा हाल मालिक अशोक कुमार चतुर्वेदी को पत्र लिखकर बताया कि राजा टॉकीज भूखंड नान जैड ए का है। यदि भूखंड में स्वामित्व संबंधी विवाद पाया जाता है तब स्वामित्व का निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा जो मान्य होगा। यह भी कहा था कि यदि आपके द्वारा किसी भी शर्तों, औपचारिकताओं व प्रतिबंधों का अनुपालन नहीं किया जाना पाया जाता है तो आपको प्रदत्त यह अनुमति स्वत: निरस्त हो जाएगी।

राजा सिनेमाहाल की भूमि नॉन जेड ए श्रेणी-15 (2) में दर्ज है। इसे कोई बेच नहीं सकता है लेकिन सालसाजी से भूमि बेची गयी है। मामले में स्टांप शुल्क चोरी भी किया गया है। प्रकरण में स्टांपवाद दर्ज है। -मनोज कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

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