बरेली: स्मार्ट सिटी में गंदे पानी की सप्लाई नहीं रोक पा रहा निगम
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद बरेली के विकास के लिए नगर निगम बड़े-बड़े दावे कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि नगर निगम मांग के अनुसार पानी की सप्लाई भी नहीं कर पा रहा। बड़े इलाकों में पानी की आपूर्ति भी दूषित होने के मामले सामने आने से ओवरहेड …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद बरेली के विकास के लिए नगर निगम बड़े-बड़े दावे कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि नगर निगम मांग के अनुसार पानी की सप्लाई भी नहीं कर पा रहा। बड़े इलाकों में पानी की आपूर्ति भी दूषित होने के मामले सामने आने से ओवरहेड टैंकों की सफाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जलकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओवरहेड टैंकों में नियमित तौर से क्लोरीन डाली जा रही है।
शहर में पानी की मांग के अनरूप नगर निगम पर्याप्त पानी की सप्लाई कर पा रहा है। जिसके कारण हर साल गर्मियों में लोगों को पीने के पानी की समस्या से दो चार होना पड़ता है। शहर के लोगों की प्यास बुझाने के लिए 155 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन नगर निगम 135 एमएलडी पानी की ही सप्लाई कर पा रहा है। मौजूदा समय में नगर निगम 66 नलकूप और 32 ओवरहेड टैंक के जरिये पानी की सप्लाई कर रहा है, लेकिन शहर वालों की जरूरत के हिसाब से 20 एमएलडी कम पानी की सप्लाई हो रही है।
शहरवासियों को जरूरत के हिसाब से पानी उपलब्ध कराने के लिए 10 नए नलकूप का निर्माण अभी कुछ समय पहले ही कराया गया है। पानी की कमी के साथ ही गंदे पानी की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ता है। कई इलाकों में पानी की पाइप लाइन जर्जर हो चुकी हैं जिससे गंदे पानी की सप्लाई होती है। गंदे पानी की समस्या किसी एक इलाके में नहीं बल्कि कई मोहल्ले में देखने को मिलती है। इसके अलावा दिक्कत यह भी है कि नगर निगम के ओवरहेड टैंक की सफाई भी सही से नहीं हो रही है। ऐसे में तमाम इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई को नहीं रोका जा पा रहा है।
पुराने इलाकों में दूषित पानी सप्लाई की शिकायतें ज्यादा
अभी कुछ दिन पहले जिला पंचायत के पास बड़ी संख्या में घरों में दूषित पानी की शिकायत हुई थी। पुराने शहर, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, गुलाबनगर, कोहाड़ापीर, नवादा शेखान, हजियापुर, बाकरगंज सहित तमाम पुराने इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें आ रही है। लोगों का कहना है कि ओवरहेड टैंक की सफाई ठीक ढंग से नहीं हो रही है। दिक्कत यह भी है कि पुराने इलाकों की पाइप लाइन जर्जर होने से उसमें नालियों का पानी घरों में सप्लाई के साथ पहुंच रहा है।
नगर आयुक्त ने भी पकड़ी थी गड़बड़ी
शहर की आबादी 10 लाख के करीब पहुंच चुकी है लेकिन नगर निगम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दम तो भर रहा है पर ओवरहेड टैंक की सफाई समय पर नहीं कर रहा है। अभी कुछ दिन पहले नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने जुबली पार्क स्थित नलकूप का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति में डोजर द्वारा क्लोरीनेशन की व्यवस्था को जारी रखने पर जोर दिया था। राजकीय इंटर कॉलेज नलकूप, अवर जलाशय के निरीक्षण में गंदगी मिलने से उन्होंने नाराजगी जताई थी। नगर आयुक्त सिविल लाइंस नलकूप के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे दिए थे।
ओवरहेड टैंक की नियमित तौर से सफाई का काम हो रहा है। इसके लिए अब नियमित तौर से निरीक्षण होगा। जहां दूषित पानी की आपूर्ति होगी, वहां प्राथमिकता से जांच कराई जाएगी। -राजेश कुमार यादव, महाप्रबंधक, जलकल
