बरेली: 3 करोड़ वसूलने को 30 को बिस्मिल्लाह राइस मिल होगी नीलाम
बरेली, अमृत विचार। जनपद की राइस मिलों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है। जनवरी में बहेड़ी क्षेत्र के रिछा में बिस्मिल्लाह राइस मिल में विद्युत विभाग ने छापा मारकर करीब तीन करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गयी। मीटर में चिप लगाकर बिजली चोरी करने का खुलासा हुआ है। अब मीरगंज …
बरेली, अमृत विचार। जनपद की राइस मिलों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है। जनवरी में बहेड़ी क्षेत्र के रिछा में बिस्मिल्लाह राइस मिल में विद्युत विभाग ने छापा मारकर करीब तीन करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गयी। मीटर में चिप लगाकर बिजली चोरी करने का खुलासा हुआ है। अब मीरगंज की राइस मिल में 20 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गयी है। इससे साफ है कि अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से राइस मिलें बिजली चोरी कर रही हैं।
रिछा की बिस्मिल्लाह राइस मिल ने जुर्माने की रकम जमा नहीं की। उसकी आरसी काटी जा चुकी है। नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। 30 सितंबर को नीलामी की तारीख है लेकिन इस प्रकरण में भारतीय स्टेट बैंक की बहेड़ी शाखा ने आपत्ति लगा दी है। राइस मिल पर करीब छह करोड़ रुपये का ऋ ण भी निकला है।
पिछले माह 15 अगस्त को भी नीलामी थी लेकिन कोई बोली लगाने नहीं आया। इस प्रकरण में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की ओर से एसडीएम-तहसीलदार को चेतावनी स्वरूप पत्र जारी होने के बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू करायी गयी। दो राइस मिलों में बड़े स्तर पर बिजली चोरी का मामला सामने आने के बाद यह माना जा रहा है कि जनपद की अन्य राइस मिलों में जांच की गयी तो कई राइस मिलों में विद्युत चोरी पकड़ी जाएगी।
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर की जांच में डिवाइस पकड़ी गयी थी
बहेड़ी क्षेत्र के रिछा में बिस्मिल्लाह राइस मिल में 29 जनवरी को छापा मारा गया था। कम बिजली बिल आने और चोरी की शिकायतें आने के बाद दो माह तक राइस मिल पर नजर रखी गयी। मीटर की एमआरआई के दौरान दिन में कई घंटों के लिये रीडिंग शून्य पाई थी। केबिल की जांच होने पर कहीं कट नहीं मिला था। पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर की जांच के दौरान उसमें डिवाइस लगी मिली। इस डिवाइस के जरिए मीटर रीडिंग को नियंत्रित किया जा रहा था। राइस मिल का 260 किलोवाट का बिजली कनेक्शन था।
अधिकारी-कर्मचारी की साठगांठ, बिना शटडाउन नहीं लग सकती चिप
मीरगंज में राइस मिल चलाने के लिए बिजली विभाग से 12 केवीए क्षमता का कनेक्शन लिया था। मालिक ने तकनीकी जानकारों की मदद से सप्लाई उपकरण में अलग से डिवाइस लगवाई थी। जिसकी वजह से लगातार सप्लाई चलने के बावजूद मीटर रीडिंग पल्स नहीं चलती थी। इससे बिजली विभाग को हर दिन हजारों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही थी। ऊपरी तौर पर बिजली चोरी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल था। तकनीकी जानकारों के मुताबिक सरकारी सिस्टम में अलग से उपकरण लगाकर हर दिन हजारों रुपये की बिजली चोरी करना बगैर विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है।
दरअसल मीटर, पीटी, सीटी आदि सप्लाई सिस्टम विभाग ही स्थापित करता है। ये उपकरण लगने के बाद विभागीय इंजीनियर पूरा सिस्टम चेक करते हैं। सूत्रों के मुताबिक हाईटेंशन लाइन का शटडाउन लिए बगैर सिस्टम में अतिरिक्त डिवाइस नहीं लगाई जा सकती। विभागीय अफसरों ने बताया कि मीटरिंग सिस्टम ऐसी डिवाइस दूसरी बार पाई गई है। यह उच्चस्तर के तकनीकी जानकार का काम है। दिल्ली या नोएडा में ही ऐसे लोग हैं। इसलिए विभाग ने आंतरिक साठगांठ की संभावना पर भी जांच शुरू कर दी है।
रिछा और देवचरा के बाद अब मीरगंज में पकड़ी गई बड़ी चोरी
रिछा के बिस्मिल्लाह राइस मिल में पकड़ी गई चोरी बरेली जोन में अब तक सबसे बड़ा मामला है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि पिछले साल देवचरा में एक कोल्ड स्टोर में छापा मारकर सवा करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी थी। इस मामले में एसडीओ और जेई निलंबित हुए थे। माना जा रहा है कि रिछा में पकड़े गए मामले में भी इस तरह की विभागीय कार्रवाई संभव है।
स्थानीय बिजली कर्मचारियों को रखा गया दूर
मीरगंज क्षेत्र के सैजना गांव में राइस मिल में पकड़ी गई 2000000 से अधिक के बिजली चोरी के मामले में क्षेत्रीय अधिकारियों को पूरी तरीके से दूर रखा गया। गुप्त तरीके से राइस मिल में छापा मारकर 20 लाख से अधिक की चोरी का भंडाफोड़ किया गया है।
मीरगंज क्षेत्र में एक राइस मिल में करीब 2000000 रुपए की बिजली चोरी पकड़ी गई है। संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्यवाही की जा रही है। सही चोरी का अंदाजा शनिवार की शाम तक लग पाएगा। -अशोक कुमार चौरसिया , अधीक्षण अभियंता देहात बिजली
