राज्यपाल ने केजीएमयू में किया रक्तदान शिविर का उद्घाटन, जानें क्या कहा?
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्रों को रक्तदान के साथ अंगदान के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। राज्यपाल शुक्रवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ब्राउन हाल में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर रक्तदान करने वाली …
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्रों को रक्तदान के साथ अंगदान के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। राज्यपाल शुक्रवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ब्राउन हाल में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर रक्तदान करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि यह दिवस हम सभी को अधिक से अधिक स्वैच्छिक रक्तदान की प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सकों का कर्तव्य है कि वे मरीज को अच्छी चिकित्सा सुविधा दें। जब प्रतिष्ठित बड़ी हस्तियां, समाज सेवी संस्थायें, बड़े अधिकारी आदि रक्तदान करते हैं तो संदेश दूर तक जाता है और लोग प्रेरित भी होते हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी का एक प्रतिशत लोग भी अगर रक्तदान करें तो प्रदेश में रक्त की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। केजीएमयू के कुलपति डॉ विपिन पुरी ने बताया कि रक्तदान दिवस का शुभारम्भ एक अक्टूबर 1975 को हुआ था।
उन्होंने कहा कि रक्तदान करना दिल की सेहत को सुधार सकता है और दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है। डा पुरी ने बताया कि रक्तदान करने के बाद लगभग 10 मिनट आराम से लेटे रहना जरूरी होता है। रक्तदान 18 से 60 वर्ष तक की उम्र का स्वस्थ व्यक्ति कर सकता है, इससे किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती है। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, विधि एवं न्याय मंत्री डा. ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार सहित सम्मानित होने वाले विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
