मायावती ने सरकार पर बोला हमला, कहा- आंदोलित किसानों पर हुई जुल्म की अति
लखनऊ। लखीमपुर हिंसा को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। कहा कि आंदोलित किसानों पर अब जुल्म की अति हो गई है। लखीमपुर खीरी प्रकरण इसका उदाहरण है। कांशीराम की 15वीं पुण्यतिथि पर कांशीराम स्मारक स्थल पर महारैली में उन्होंने कहा कि चुनाव से छह महीने पहले …
लखनऊ। लखीमपुर हिंसा को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। कहा कि आंदोलित किसानों पर अब जुल्म की अति हो गई है। लखीमपुर खीरी प्रकरण इसका उदाहरण है। कांशीराम की 15वीं पुण्यतिथि पर कांशीराम स्मारक स्थल पर महारैली में उन्होंने कहा कि चुनाव से छह महीने पहले से प्री-पोल सर्वे पर रोक लगनी चाहिए। क्योंकि इससे सत्तारूढ़ दल के लिए माहौल बनाया जाता है। जबकि यह अक्सर गलत साबित होते हैं। इसके लिए वे चुनाव आयोग को पत्र भेजेंगी।
कार्यकर्ताओं को ऐसे हथकंडों से सावधान रहने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ छोटी पार्टियां अकेले या गठबंधन में रहकर पर्दे के पीछे से सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने की तैयारी में हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बसपा को कमजोर दिखा रहे थे, लेकिन आज की भीड़ से उन्हें बसपा की ताकत का अंदाजा हो जाएगा। इस दौरान सपा पर निशाना साधते हुए कहा एक पार्टी स्वार्थी और टिकटार्थी लोगों को शामिल कर रही है।
भाजपा, कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी पर उन्होंने झूठे वादे करके गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि बसपा कोई नया घोषणापत्र नहीं ला रही है। सरकार आई तो गरीब, मजदूर, ब्राह्मण और मुस्लिमों को सुरक्षा व सम्मान दिया जाएगा। बसपा की पुरानी योजनाएं लागू की जाएंगी और राजनीतिक विद्वेश के कारण मौजूदा सरकार की कोई योजनाएं बंद नहीं की जाएंगी। इसमें अयोध्या और मथुरा आदि में होने वाले विकास कार्य शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग भी उठाई।
