रामपुर : कोसी में जलस्तर घटा, रामगंगा में खतरा बढ़ा
रामपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड के रामनगर बांध से छोड़े गए पानी ने चार दिनों में करीब सौ गांवों में बाढ़ से कहर बरपा दिया। हालांकि चौथे दिन पानी उतरने लगा है। लेकिन यही पानी अब रामगंगा में बढ़ने से दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। आशंका है कि पानी बढ़ता रहा तो शाहबाद तहसील के गांवों में …
रामपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड के रामनगर बांध से छोड़े गए पानी ने चार दिनों में करीब सौ गांवों में बाढ़ से कहर बरपा दिया। हालांकि चौथे दिन पानी उतरने लगा है। लेकिन यही पानी अब रामगंगा में बढ़ने से दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। आशंका है कि पानी बढ़ता रहा तो शाहबाद तहसील के गांवों में बाढ़ से तबाही हो सकती है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ से बचाव के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं।

जिले में कोसी नदी में बाढ़ आने से करीब सौ गांव के लोग प्रभावित हुए हैं। करीब दो से पांच लाख तक की आबादी संकट में है। घरों से बेघर है। कुछ ग्रामीण तो पानी उतरने के बाद अपने अपने गांवों की ओर जाने लगे हैं। लेकिन कुछ गांवों में अभी तक स्थिति सामान्य नहीं है जिससे लोग परेशान हैं। उन्हें स्कूलों में रोका गया है। कोसी नदी पटवाई के पास मदारपुर में रामगंगा नदी में मिल रही है।
यहीं से रामगंगा में जलस्तर बढ़ रहा है। कोसी के साथ ही रामगंगा में भाखड़ा, पीलाखार नदियां भी मिल रही हैं। इसलिए रामगंगा लगातार बढ़ रही है। हालात यह है कि कालागढ़ बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है जिससे रामगंगा में खतरा बढ़ता जा रहा है। आशंका है कि ऐसे ही पानी बढ़ा तो शाहबाद तहसील क्षेत्र के गांवों में खतरा हो सकता है। गांव वालों का कहना है कि फसलें डूबने लगी हैं। अभी तक पानी बढ़ने से खेतों में फसलें चौपट हुई हैं। सड़कों पर पानी आन लगा है। गांवों में भी पानी पहुंच सकता है।
मदारपुर में मंदिर की दीवार गिरी
मदारपुर में मंदिर की दीवार गिरने से लोगों में दहशत फैल गई है। रामगंगा और कोसी नदी का यहां संगम होता है। यहां दोनों नदियां मिलने के कारण गांव के तीन तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। सिद्ध बाबा की मढ़ीं के पास मंदिर की दीवार गिरने से पहली बार दिक्कत आई है। प्राचीन मढ़ीं पर अभी तक कभी ऐसी दिक्कत नहीं हुई थी। लोगों का कहना है कि हमेशा बाढ़ में मढ़ीं पर कभी दिक्कत नहीं आई है। पानी खुद ही बचकर निकल जाता है।
