हरदोई: अंधेरी जिंदगी से हारकर युवक ने मौत को लगाया गले, जानें पूरा मामला

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हरदोई। अंधेरी जिंदगी में उजाला हो जाए, इसी चाहत में अपनी हस्ती को दांव पर लगाते हुए आंखों का इलाज कराया। लेकिन सारी कोशिशें बे-मतलब साबित हुई। इसी से ऊब कर युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामला यपी के हरदोई जिले के सुरसा थाने के बंधिया मजरा खजुरहरा का है। गांव निवासी 42 …

हरदोई। अंधेरी जिंदगी में उजाला हो जाए, इसी चाहत में अपनी हस्ती को दांव पर लगाते हुए आंखों का इलाज कराया। लेकिन सारी कोशिशें बे-मतलब साबित हुई। इसी से ऊब कर युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामला यपी के हरदोई जिले के सुरसा थाने के बंधिया मजरा खजुरहरा का है। गांव निवासी 42 वर्षीय पंकज पुत्र धनीराम खेती-किसानी से अपना परिवार पाल रहा था। इसी बीच उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई और अंधेरी जिंदगी हो गई।

उसने अंधेरी ज़िंदगी में उजाला लाने के लिए अपनी हस्ती को दांव पर लगाते हुए काफी इलाज कराया। लेकिन सारी कोशिशें बे-मतलब साबित हुई। घर वालों का कहना है कि पंकज थक कर चूर हो चुका था। वह बिल्कुल अकेला रहने लगा था। सोमवार की शाम उसने घर के अंदर कमरे में रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी पत्नी गुड़िया जब कमरे में गई,तो वहां पति का शव लटका हुआ देख कर चिल्लाती हुई बाहर दौड़ी।

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तब घर वालों को इसका पता चला। लोगों का कहना है कि पंकज किसी तरह अपने आठ वर्षीय पुत्र मनमोहन, छह वर्षीय पुत्री शिवानी और चार वर्षीय पुत्री नव्यांशी की परवरिश कर रहा था। उसके न रहने से घर वालों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। पुलिस ने शव कब्ज़े में ले कर उसका पोस्टमार्टम कराया है।

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