मुरादाबाद : मंडल में भाजपा ने बिछाए चुनावी शतरंज पर मोहरे
आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। योगी पार्ट-टू में जुटी भाजपा ने चुनावी शतरंज के मोहरे बिछा दिए हैं। मंडल में सिर्फ दो सीटों का ऐलान बाकी है। जबकि कई चेहरे बदल दिए गए हैं। उधर, सपा, बसपा, कांग्रेस सहित अन्य दलों ने 100 प्रतिशत पत्ते नहीं खोले हैं। यहां 14 फरवरी को मतदान होना है। उसके लिए …
आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। योगी पार्ट-टू में जुटी भाजपा ने चुनावी शतरंज के मोहरे बिछा दिए हैं। मंडल में सिर्फ दो सीटों का ऐलान बाकी है। जबकि कई चेहरे बदल दिए गए हैं। उधर, सपा, बसपा, कांग्रेस सहित अन्य दलों ने 100 प्रतिशत पत्ते नहीं खोले हैं। यहां 14 फरवरी को मतदान होना है। उसके लिए भाजपा ने टीमें सजा दीं हैं।
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा सीट पर अभी पार्टी का चेहरा तय नहीं हो पाया है। 2017 के चुनाव में राजपाल सिंह चौहान यहां सपा से सीधी लड़ाई में चुनाव हार गए। ठाकुरद्वारा में कभी सर्वेश कुमार सिंह ने जीत का कीर्तिमान रचा था। बीते चुनाव में सर्वेश कुमार सिंह मुरादाबाद के सांसद थे। उनके बेटे को बिजनौर के बढ़ापुर सीट से पार्टी ने मौका दिया। अबकी वहीं से टिकट मिला है। पूर्व सांसद सर्वेश कुमार सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान ने दावेदारी की है। चौहान के बेटे ने टिकट के लिए आवेदन किया है।
उधर, अमरोहा के नौगांवा सादात में पार्टी ने नया प्रयोग किया है। पूर्व सांसद देवेंद्र कुमार नागपाल को मैदान में उतारा है। नागपाल की पत्नी गजरौला नगर पालिका की अध्यक्ष हैं। इस सीट पर 2017 में क्रिकेटर चेतन चौहान निर्वाचित हुए थे। यहां उपचुनाव में पार्टी ने चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान को मैदान में उतारा था। संगीता सहानुभूति की लहर में चुनाव तो जीत गईं, योगी पार्ट-टू में जुटी भाजपा ने उन्हें चुनाव के लिए कमतर आंका।
रामपुर के स्वार-टांडा सीट से भी पार्टी ने अपना चेहरा तय नहीं किया है। वर्ष 2017 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर अब्दुल्ला आजम यहां से निर्वाचित हुए। उनके प्रतिद्वंदी नवाब काजिम अली खान ने अब्दुल्ला की उम्र को लेकर हाईकोर्ट तक जंग लड़ी। जिसमें अब्दुल्ला फंस गए। इस वजह से उनकी विधायकी अयोग्य घोषित कर दी गई। अभी सपा ने भी यहां से उम्मीदवार तय नहीं किया है। बिजनौर की नूरपुर सीट पर पार्टी ने सीपी सिंह को मौका दिया है। 2017 के चुनाव में यहां भाजपा के लोकेंद्र सिंह जीते थे। मार्ग दुर्घटना में उनका निधन हो गया। इस सीट पर उपचुनाव में सपा के नईमउल हसन ने बाजी मार ली थी।
नजीबाबाद सीट पर पार्टी ने पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। मुरादाबाद के कुंदरकी सीट पर जिला महामंत्री कमल कुमार प्रजापति को मौका मिला है। यहां कई बार से सीधी जंग में शामिल रामवीर सिंह को अबकी मौका नहीं मिला है। उधर, भाजपा की घोषणा पर चौपाल गर्म है। चुनावी विश्लेषक मानते हैं कि पार्टी ने सुशासन का नारा अपने चुनावी एजेंडे में रखा है। इसीलिए योगी पार्ट-वन के सहयोगी रहे चेहरों पर भरोसा जताते हुए चुनावी शतरंज की बिसात पर अपने मोहरे उतारे हैं।

