कालीकट हवाई अड्डे पर HC ने केंद्र से कोरोना जांच पर मांगा जवाब
कोच्चि। केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस याचिका पर केन्द्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कालीकट हवाई अड्डे पर एक प्रयोगशाला अनधिकृत तरीके से कोविड-19 संबंधी जांच कर रही है। यह प्रयोगशाला भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) द्वारा अनुमोदित नहीं है। न्यायमूर्ति एन नागरेश ने स्वास्थ्य और नागरिक …
कोच्चि। केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस याचिका पर केन्द्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कालीकट हवाई अड्डे पर एक प्रयोगशाला अनधिकृत तरीके से कोविड-19 संबंधी जांच कर रही है। यह प्रयोगशाला भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) द्वारा अनुमोदित नहीं है।
न्यायमूर्ति एन नागरेश ने स्वास्थ्य और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों के अलावा केरल सरकार, आईसीएमआर तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को भी नोटिस जारी किये। अदालत ने नोटिस पर जवाब मांगे हैं। यह याचिका एक एनआरआई (अनिवासी भारतीय) ने दायर की है, जो अबू धाबी में एक निजी कम्पनी में चालक का काम करता है।
उसने याचिका में दावा किया है कि उसे 27 जनवरी को उड़ान भरनी थी, जिसके लिए उसने 25 जनवरी को एक आरटी-पीसीआर जांच कराई थी। जांच में उसके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई थी। वकील मनास पी. हमीद के जरिए दायर याचिका में दावा किया गया कि जब 27 जनवरी को वह कालीकट हवाई अड्डे पर पहुंचा तो उसे फिर से 2490 रुपये की आरटी-पीसीआर जांच कराने के लिए कहा गया।
इस कारण वह अबू धाबी नहीं जा सकता और उसे वापस लौटना पड़ा, जिससे उसकी नौकरी भी खतरे में आ गई है। याचिकाकर्ता यहां चार महीने की छुट्टी पर आया था। याचिका में दलील दी गई कि जब उन्होंने ‘माइक्रो हेल्थ लेबोरेटरीज़’ (जिसने हवाई अड्डे पर उनकी जांच की थी) के बारे में पूछताछ की तो, उन्हें पता चला कि वह आईसीएमआर से अनुमोदित प्रयोगशालाओं की सूची में शामिल नहीं है।
हवाई अड्डे पर उनकी जांच की रिपोर्ट भी आईसीएमआर वेबसाइट पर ‘अपलोड’ नहीं की गई, जैसा कि आईसीएमआर द्वारा निर्धारित मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत अनिवार्य है। याचिका में दावा किया गया, ” रिपोर्ट में कहा गया था कि जांच के समय याचिकाकर्ता में कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं थे।
जब याचिकाकर्ता ने उड़ान भरने से 48 घंटे से कम समय में की गई यह जांच रिपोर्ट दिखाई तो, प्रतिवादी संख्या पांच 5 (विमान पत्त्न प्राधिकरण) और 6 (हवाई अड्डे के निदेशक) को याचिकाकर्ता को एक और जांच कराने के लिए मजबूर करने के बजाय यात्रा करने की अनुमति देनी चाहिए थी।
याचिका में कहा गया, ” इसके अलावा प्रयोगशाला को हवाई अड्डे पर काम करने के लिए प्राधिकरण से कोई मंजूरी नहीं मिली है।” याचिका में यह घोषणा करने का अनुरोध किया गया कि ”प्रतिवादी का आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमित नहीं होने की पुष्टि वाली रिपोर्ट दिखाने के बावजूद याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा करने से रोकना उसके विदेश यात्रा करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।”
याचिकाकर्ता ने केन्द्र, राज्य सरकार, आईसीएमआर और एएआई को निर्देश देने का अनुरोध किया कि अगर उसके पास सरकार से अनुमोदित किसी भी जांच केन्द्र से यात्रा से 48 घंटे पहले कराई जांच में संक्रमित नहीं होने की रिपोर्ट है, तो उसे विदेश यात्रा करने की अनुमति दी जाए। याचिकाकर्ता ने एएआई और हवाई अड्डा निदेशक से उनको हुई कठिनाइयों के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की है।
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