रामपुर की ऐतिहासिक धरोहरों के भित्ति–चित्रों का अभिलेखीकरण करेगा इंटैक
रामपुर, अमृत विचार। इंटैक संरक्षण संस्थान द्वारा रामपुर जिले की ऐतिहासिक धरोहरों के भित्ति–चित्रों का अभिलेखीकरण किया जाएगा। संस्थान की लखनऊ से आई टीम इस कार्य में जुटी हुई है। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) रुहेलखंड चैप्टर के सह संयोजक काशिफ खां ने बताया कि इंटैक संरक्षण संस्थान की निदेशक डॉ. ममता …
रामपुर, अमृत विचार। इंटैक संरक्षण संस्थान द्वारा रामपुर जिले की ऐतिहासिक धरोहरों के भित्ति–चित्रों का अभिलेखीकरण किया जाएगा। संस्थान की लखनऊ से आई टीम इस कार्य में जुटी हुई है।
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) रुहेलखंड चैप्टर के सह संयोजक काशिफ खां ने बताया कि इंटैक संरक्षण संस्थान की निदेशक डॉ. ममता मिश्रा की देखरेख में उत्तर प्रदेश के भित्ति–चित्रों के अभिलेखीकरण का कार्य 2015 से चल रहा है। निदेशक द्वारा इस कार्य के लिए संजय और आलोक को रामपुर भेजा गया है। दो सदस्यीय दल ने अपना कार्य आरंभ कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इंटैक संरक्षण संस्थान की टीम ने रामपुर में जामा मस्जिद, इमामबाड़ा, रंग महल, नवाबों के मकबरों और किले के गेटों के चित्र लिए हैं। बिलासपुर, शाहबाद और मिलक के कई प्राचीन मंदिरों और अन्य प्राचीन स्थलों के चित्र लिए जाने का कार्य चल रहा है ताकि धरोहरों को संरक्षित करने के कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
