मुरादाबाद : लोन लेकर बैंक को लगाई 2.38 करोड़ की चपत

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मुरादाबाद, अमृत विचार। जिगर कालोनी में रहने वाले निर्यातक ने व्यापार के लिए फर्म के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड शाखा से 2.38 करोड़ रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी की है। आरोपी ने यह रकम गलत तरीके से अन्य फर्मों को स्थानांतरित कर दिया है। इस संबंध में बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक …

मुरादाबाद, अमृत विचार। जिगर कालोनी में रहने वाले निर्यातक ने व्यापार के लिए फर्म के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड शाखा से 2.38 करोड़ रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी की है। आरोपी ने यह रकम गलत तरीके से अन्य फर्मों को स्थानांतरित कर दिया है। इस संबंध में बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने शिकायत को एसएसपी दी। इंस्पेक्टर गलशहीद लोकेंद्र कुमार ने बताया कि निर्यातक दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्यप्रकाश ने अपनी शिकायत में बताया कि स्टेशन रोड शाखा में मैसर्स केके इंटरनेशनल पार्टनरशिप फर्म व मैसर्स कशिश इंटरनेशनल प्रोपराइटरशिप फर्म के नाम से दो खाते हैं। मैसर्स केके इंटनरेशनल, पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर कशिश खान व तरन्नुम रफीक और मैसर्स कशिश इंटरनेशनल प्रोपराइटरशिप फर्म के प्रोपराइटर कशिश खान हैं।

मैसर्स केके इंटरनेशनल पार्टनरशिप फर्म का लोन व चालू खाता है। इनका संचालन फर्म के पार्टनर द्वारा किया जाता है। यह फर्म पाकबड़ा थानाक्षेत्र के एसईजेड डींगरपुर में है। मैसर्स कशिश इंटरनेशनल प्रोपराइटर कशिश खान पुत्र मतलूब खान की फर्म कांठ रोड स्थित हरथला इंडीस्ट्रियल एरिया में है। फर्म स्वामी कशिश खान व उनकी पत्नी तरन्नुम रफीक सिविल लाइंस थानाक्षेत्र की जिगर कालोनी में रहते हैं।

उन्होंने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड शाखा ने मैसर्स केके इंटरनेशनल फर्म को व्यापार करने के लिए उनके पीसी खाते के द्वारा दो करोड़ 38 लाख रुपये चालू खाते में वितरित किए थे। इनमें से मैसर्स केके इंटरनेशनल के पार्टनर ने एक करोड़ 21 लाख रुपये मैसर्स कशिश इंटरनेशनल के चालू खाते में स्थानांतरित कर दिए। वहीं 54 लाख रुपये ऐसी फर्मों के खाते में अवैध तरीके से ट्रांसफर कर दिए जिनका व्यापार से कोई संबंध नहीं था।

इसी प्रकार मैसर्स कशिश इंटरनेशनल के प्रोपराइटर ने 56 लाख 74 हजार रुपये निकालकर मैसर्स केके इंटरनेशनल के खाते में डाल दिए और 49 लाख रुपये व्यापार से कोई संबंध न रखने वाली अन्य फर्मों के खातों में डाले। लोन की रकम से बनाई की चीजों के निर्यात का भी कोई साक्ष्य जैसे शिपिंग बिल आदि बैंक में जमा नहीं किया गया। फर्म ने लोन की रकम का दूसरी फर्म में स्थानांतरित करने के कारण उक्त सभी खाते 30 अप्रैल 2019 को नॉन परफार्मिंग एसेट (एनपीए) हो गए।

उन्होंने मैसर्स केके इंटनरेशनल पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर व मैसर्स कशिश इंटरनेशनल के प्रोपराइटर के खिलाफ बैंक की ऋण राशि का दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी करने की नीयत से अवैध तरीके से बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

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