बाराबंकी: नई शिक्षा नीति लागू होने से विद्यार्थियों को मिली राहत, बोर्ड की परीक्षा से 10वीं के एग्जाम को किया गया बाहर

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बाराबंकी। दो वर्ष के कोरोना दंश के बाद शासन सहित जनपद के आला अधिकारियों ने शिक्षा में सुधार के लिए कमर कस ली है। बीते एक अप्रैल 2022 से लागू नई शिक्षा नीति के अनुसार अब बच्चों को अपने मन मुताबिक विषय को चुनने का अधिकार दे दिया गया है। इसके लिए वर्ग का बंधन …

बाराबंकी। दो वर्ष के कोरोना दंश के बाद शासन सहित जनपद के आला अधिकारियों ने शिक्षा में सुधार के लिए कमर कस ली है। बीते एक अप्रैल 2022 से लागू नई शिक्षा नीति के अनुसार अब बच्चों को अपने मन मुताबिक विषय को चुनने का अधिकार दे दिया गया है।

इसके लिए वर्ग का बंधन हटा दिया गया है। इसका मतलब है कि विज्ञान के साथ अर्थशास्त्र भी पढ़ा जा सकेगा। साथ ही कक्षा दसवीं को बोर्ड परीक्षा की श्रेणी से हटा दिया गया है। अब आने वाले सत्र में बच्चे इंटरमीडिएट की ही बोर्ड परीक्षाएं दे सकेंगे।

अमृत विचार से खास बातचीत में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में 1 अप्रैल 2022 से नई शिक्षा प्रणाली लागू हो गई है। अब इसके तहत बच्चे अपनी इच्छा अनुसार विषय का निर्धारण कर पाएंगे। अभी तक की शिक्षा नीति के मुताबिक बच्चे कक्षा आठ के बाद विज्ञान एवं गणित वर्ग से किसी एक का चयन कर आज की पढ़ाई में जुट जाते थे। लेकिन अब आने वाले सत्र में बच्चे अपने पसंदीदा विषयों को चुन कर अपना भविष्य निर्धारण करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि आने वाले सत्र में बच्चों की 10वीं की बोर्ड परीक्षा को समाप्त कर दिया गया है। अब बच्चों को मात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं देनी होगी। वर्ग की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। विज्ञान वर्ग का विद्यार्थी भी कला वर्ग के विषय हो सकता है तो वाणिज्य वर्ग का विद्यार्थी विज्ञान वर्ग के विषय।

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