छत्तीसगढ़: बड़े हमले की सूचना पर बस्तर पुलिस अलर्ट

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जगदलपुर। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से छत्तीसगढ़ समेत देश के पांच नक्सल प्रभावित राज्यों में बड़े नक्सली हमले की आशंका से जुड़ी सूचना पर अर्धसैन्य बलों समेत छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस बल अलर्ट पर है। बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने आज बताया कि नक्सली संघटन मार्च से लेकर जून तक टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव …

जगदलपुर। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से छत्तीसगढ़ समेत देश के पांच नक्सल प्रभावित राज्यों में बड़े नक्सली हमले की आशंका से जुड़ी सूचना पर अर्धसैन्य बलों समेत छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस बल अलर्ट पर है। बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने आज बताया कि नक्सली संघटन मार्च से लेकर जून तक टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव (टीसीओसी) चला रहे हैं। इस के मद्देनजर पुलिस अलर्ट पर है। पतझड़ और गर्मी के मौसम में नक्सली बड़ा हमला करते हैं। राज्य में सबसे ज्यादा हमले बस्तर में होते है।

वर्ष 2006 से प्रतिवर्ष मार्च से जून के बीच इस इलाके में नक्सलियों ने कई बड़े हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इन बार दक्षिण बस्तर में बड़े हमले की साजिश रची है। पिछले 15 दिन के अंदर बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों के शिविरों में हमले हुये हैं। इनसे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नक्सली नये ट्राई जंक्शन के नजदीक सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नक्सली नेता माड़वी हिड़मा सुरक्षा बलों से छीने गये हथियार और यूबीजीएल/रॉकेट लॉन्चर से हमले की फिराक में है।

इसके अलावा सुरक्षा बलों के सामान इत्यादि को भी लूटा जा सकता है। पुलिस के अनुसार नक्सली अपने सूचना तंत्र को भी मजबूत कर रहे हैं ताकि सुरक्षा बलों की हर गतिविधि की जानकारी इकट्ठा की जा सके। नक्सलियों ने इस क्षेत्र में 13 बड़े हमले किए हैं, जिनमें 257 जवानों की जान गई है। कुछ को छोड़ लगभग सभी हमले मार्च से जून के महीने में किये गये।

आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि इनपुट के आधार पर तमाम पोस्ट, केम्पों, थाना चौकी और सरहदी सीमाओं में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ से लगने वाले महाराष्ट्र, तेलंगाना, उड़ीसा और आंध्रप्रदेश सीमा पर चेकिंग तेज करने को कहा गया है। इसी बीच केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय आज दो दिवसीय प्रवास पर नक्सल प्रभावित बीजापुर आ रहे हैं, जहां वे रात में केन्द्रीय सुरक्षा बल के शिविर में रूकेंगे।

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