14-15 मई तक छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

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रायपुर। केंद्र सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहली बार छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। कोल संकट अभी भी बना हुआ है और कई यात्री ट्रेनों का संचालन भी रद्द है। ऐसे समय में रेल मंत्री के राज्य दौरे के अपने सियासी मायने निकले जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार मंत्री वैष्णव 13 …

रायपुर। केंद्र सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहली बार छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। कोल संकट अभी भी बना हुआ है और कई यात्री ट्रेनों का संचालन भी रद्द है। ऐसे समय में रेल मंत्री के राज्य दौरे के अपने सियासी मायने निकले जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार मंत्री वैष्णव 13 मई को दिल्ली से भुवनेश्वर पहुंचेंगे।

जहां वे भाजपा कार्यालय में बैठक लेंगे। इसके बाद भुवनेश्वर से तलचर रेलवे स्टेशन के लोडिंग प्वाइंट जाकर निरीक्षण करेंगे और कोल परिवहन सहित विभिन्न मुद्दों पर बैठक लेंगे। जहां से वे झारसुगुड़ा जाएंगे और रात 11 बजे झारसुगुड़ा से अंबिकापुर के लिए रवाना होंगे। 14 मई को सुबह 9 से 10:30 बजे तक अंबिकापुर में कार्यक्रम में शामिल होंगे जिसके बाद दोपहर वे कोरबा पहुंचेंगे, जहां वे एरिया साइडिंग का विजिट करके रिव्यू मीटिंग लेंगे। फिर कोरबा रेलवे स्टेशन से रायपुर तक का सफर ट्रेन से करेंगे। फिर रात साढ़े 8 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर ने 31 मार्च 2022 के आदेश में कुल 10 रेलों का परिचालन बंद कर दिया था। इनमे से कुल 8 ट्रेनें छत्तीसगढ़ में आवागमन करती थीं। फिर 24 अप्रैल से 22 ट्रेनों का परिचालन रद्द हुआ, जिसका विरोध मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अन्य कई जनप्रतिनिधियों ने किया। इस बाबत मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखकर समस्यों से अवगत कराया।

साहू ने पत्र में लिखा कि प्रदेश में मध्यम एवं निम्न वर्ग के अनेक यात्री है, जो प्रतिदिन उपरोक्त रेलों से यात्रा करते हुए अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचते हैं। रेलों के बंद होने से प्रतिदिन यात्रा करने वाले छोटे-छोटे व्यवसायी, रोजगार, शासकीय और अर्द्धशासकीय सेवा से जुड़े व्यक्तियों को काफी असुविधा होती है।

ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिए जाने से निश्चित रूप से ग्रीष्मावकाश में की जाने वाली यात्राओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस रेल मंत्री को कैसे घेरती है। कयास यह भी लगाई जा रही है की रेल मंत्री राज्य को कुछ सौगात भी दे सकते हैं। साथ ही कुछ रेल का परिचालन भी फिर से बहाल किया जा सकता है।

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