लखनऊ: बेरोजगारों को एसजीपीजीआई व केजीएमयू में नौकरी दिलाने का देते थे झांसा, एसटीएफ ने तीन आरोपितों को दबोचा
लखनऊ। बेरोजगार युवक,युवतियों को एसजीपीजाअई,केजीएमयू समेत अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले तीन आरोपितों को एसटीएफ ने धर दबोचा है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ की गिरफ्त में आये तीनों आरोपित मंत्रियों और उच्चाधिकारियों का करीबी बताकर बेरोजगारों को अदब में लेते थे। सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर …
लखनऊ। बेरोजगार युवक,युवतियों को एसजीपीजाअई,केजीएमयू समेत अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले तीन आरोपितों को एसटीएफ ने धर दबोचा है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ की गिरफ्त में आये तीनों आरोपित मंत्रियों और उच्चाधिकारियों का करीबी बताकर बेरोजगारों को अदब में लेते थे।
सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले तीनों आरोपितों की पहचान बलिया निवासी राम व्यास, जौनपुर निवासी शैलेश यादव और मऊ निवासी आदित्य श्रीवास्तव के रूप में हुई है। एसटीएफ के मुताबिक बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर तीनों आरोपित लगातार ठगी कर रहे थे। सूचना मिलते ही एसटीएफ की एक टीम गठित की गई।
बताया जा रहा है कि बैंक आफ बडौदा स्थित होटल हयात रीजेन्सी के पीछे ठगी करने वाले तीनों आरोपित कहीं जाने की फिराक में थे। आनन-फानन में टीम ने वहां पहुंच कर आरोपितों को धर दबोचा। एसटीएफ को आरोपितों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री व अधिकारियों का निजी स्टॉफ एवं घनिष्ठ होने का झासा देकर बेरोजगार युवक-युवतियों को परिवहन विभाग में परिचालक के पद पर एवं एसजीपीजीआई, केजीएमयू में एएनएम,जीएनएम पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर धन उगाही करते है।
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