जगजीत सिंह की पुण्यतिथि पर ‘कहां तुम चले गए’ पुस्तक का होगा लोकार्पण
10 अक्टूबर को शिरोमणि गजल गायक जगजीत सिंह की पुण्यतिथि है। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 6 अक्टूबर की शाम एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की सूत्रधार सांस्कृतिक संस्था इंटरनेशनल मेलोडी फाउंडेशन है। इस अवसर पर प्रसिद्ध पत्रकार और फिल्मकार राजेश बादल की पुस्तक ‘कहां …
10 अक्टूबर को शिरोमणि गजल गायक जगजीत सिंह की पुण्यतिथि है। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 6 अक्टूबर की शाम एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की सूत्रधार सांस्कृतिक संस्था इंटरनेशनल मेलोडी फाउंडेशन है। इस अवसर पर प्रसिद्ध पत्रकार और फिल्मकार राजेश बादल की पुस्तक ‘कहां तुम चले गए’ का लोकार्पण किया जाएगा। ‘कहां तुम चले गए’ पुस्तक जगजीत सिंह के जीवन के सफर का प्रामाणिक दस्तावेज़ है।
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कार्यक्रम में जगजीत सिंह के छोटे भाई सरदार करतार सिंह उनकी कुछ चुनिंदा गज़ल प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर गांधी शांति प्रतिष्ठान के प्रमुख कुमार प्रशांत, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल वाल्मीकि प्रसाद सिंह समेत साहित्य और संगीत की दुनिया के कई नामी चेहरे शामिल होंगे।
राजस्थान के श्रीगंगानगर के सिख अमर सिंह और बच्चन कौर के सात बच्चों के परिवार में आठ फरवरी, 1941 को जगमोहन का जन्म होता है। जगमोहन का नाम परिवार के गुरुजी के कहने पर जगजीत सिंह रखा जाता है. और यही जगजीत सिंह आगे चलकर गज़ल सम्राट बनता है।
‘कहां तुम चले गए’
प्रसिद्ध पत्रकार और फिल्मकार राजेश बादल की पुस्तक ‘कहां तुम चले गए: दास्तान-ए-जगजीत’ असल में जगजीत सिंह को नजदीक से जानने का एक शानदार दस्तावेज है। इस किताब में जगजीत सिंह की गायकी के अलावा उनकी ज़िंदादिली और उदारता के कई किस्से हैं। जगजीत सिंह किस तरह मुंबई की सड़कों पर मदद करने निकलते थे और बेटी की शादी के नाम पर कार्यक्रम का निमंत्रण देने वालों को मिठाई के डिब्बे में रुपये देकर विदा कर देते थे। जगजीत सिंह का हॉर्स रेसिंग का प्रेम, उनके नए गायकों और शायरों से रिश्तों की भी इस किताब में विस्तार से चर्चा की गई है।
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