मथुरा: कैंटर की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, कैसे बचे कार सवार?
अमृत विचार, फरह। जाको राखे साइयां मार सके न कोई, यह कहावत शनिवार की शाम उस समय चरितार्थ हो गई जब आगरा-मथुरा हाइवे कैंटर की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए, लेकिन उसमें सवार दोनों युवकों को मामूली खरोंच आई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के पुर्जे दूर दूर तक फैले हुए थे। …
अमृत विचार, फरह। जाको राखे साइयां मार सके न कोई, यह कहावत शनिवार की शाम उस समय चरितार्थ हो गई जब आगरा-मथुरा हाइवे कैंटर की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए, लेकिन उसमें सवार दोनों युवकों को मामूली खरोंच आई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के पुर्जे दूर दूर तक फैले हुए थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मरहम पट्टी के लिए अस्पताल पहुंचाया और कार को हाइवे से हटाकर मार्ग को सुचारू कराया।
शनिवार की शाम कागारौल के थाना अकोला निवासी अजीत पुत्र उत्तम सिंह व पुरुषोत्तम पुत्र भूदेव प्रसाद आटो कार संख्या यूपी 80 ईसी 5348 से आगरा से मथुरा की ओर जा रहे थे। अभी वह फरह थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पहुंचे ही थे कि अचानक पीछे से आए कैंटर ने कार में टक्कर मार दी।
कैंटर की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह कार को काफी दूरी तक घसीटते हुए ले गए। कैंटर की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। किसी तरह कैंटर की चपेट से कार अलग हुई। दुर्घटना देख हाइवे पर राहगीरों की भीड़ लग गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि लोगों को लग ही नहीं रहा था कि कार के अंदर बैठे लोगों में कोई जिंदा बचा होगा।
राहगीरों ने किसी तरह कार की खिड़की तोड़ी और उसके अंदर बैठे दोनों युवकों को बाहर निकाला। लोग उस समय दांतों दले अंगुली दबाने को मजबूर हो गए जब दोनों युवकों को मामूली खरोंच देखी। इधर, कार को टक्कर मारकर भागने वाले कैंटर को लोगों ने कुछ दूरी पर जाकर रोक लिया। दुर्घटना के कारण हाइवे पर वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कैंटर को अपने कब्जे में ले लिया और हाइवे पर वाहनों का आवागमन सुचारू कराया।
