नेईबा क्रोनू ने मिथुन की आबादी के प्रोत्साहन पर दिया बल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कोहिमा। नागालैंड के मंत्री नेईबा क्रोनू ने रविवार को नागा समाज से राज्य की आजीविका में सुधार लाने के लिए वैज्ञानिक मिथुन पशुपालन का आह्वान किया। आईसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन मिथुन (आईसीएआर-एनआरसीएम) को संबोधित करते हुए, राज्य के योजना और समन्वय, भूमि राजस्व और संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मिथुन एक सम्मानित जानवर है …

कोहिमा। नागालैंड के मंत्री नेईबा क्रोनू ने रविवार को नागा समाज से राज्य की आजीविका में सुधार लाने के लिए वैज्ञानिक मिथुन पशुपालन का आह्वान किया। आईसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन मिथुन (आईसीएआर-एनआरसीएम) को संबोधित करते हुए, राज्य के योजना और समन्वय, भूमि राजस्व और संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मिथुन एक सम्मानित जानवर है जिसे नागालैंड के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

क्रोनू ने आईसीएआर-एनआरसीएम को कहा कि राज्य सरकार मिथुन पालन को बढ़ाने देने की दिशा में हर संभव सहायता करेगी। गौरतलब है कि आईसीएआर-एनआरसीएम विश्व का एकमात्र मिथुन अनुसंधान केंद्र है। उन्होंने कहा कि यही सही समय है जब लोग वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर मिथुन आबादी को बढ़ाने की दिशा में काम करें और उन्होंने सदाबहार पौधों की प्रजातियों की पहचान कर उसे पोषित करने और चिरस्थायी मिथुन पालन के लिए चरागाह भूमि का विकास करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मिथुन डेयरी से स्थानीय किसानों को बहुत फायदा हुआ है। मंत्री ने जनजाति उप-योजना के अंतर्गत स्थापित मिथुन पालन इकाइयों, वीर्य बैंक की स्थापना और कृत्रिम गर्भाधान की सफलता पर पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगालैंड के कृषि उत्पादन आयुक्त वाई किखेतो सेमा ने कहा कि वन क्षेत्र में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है और मिथुन की आबादी भी घट रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में मिथुन का बहुत बड़ा महत्व है और उन्होंने मिथुन पालन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों से कृषि उत्पादन आयुक्त की एक समिति का गठन करने का सुझाव दिया।

ये भी पढ़ें:- शी जिनपिंग ने CPC बैठक में दी चेतावनी, कहा- ताइवान में सेना उतारने से पीछे नहीं हटेगा चीन

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज