एसएमसी में अब होंगे 34 वार्ड, सरकार ने की परिसीमन की प्रक्रिया खारिज

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Edited By Amrit Vichar
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में कानूनी पचड़े से बाहर आकर नगर निकाय चुनाव जल्द कराने के लिए कांग्रेस सरकार ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए शिमला नगर निगम (एसएमसी) वार्ड को 34 से बढ़ाकर 41 करने के पूर्ववर्ती जयराम ठाकुर सरकार के आधे-अधूरे फैसले को पलट दिया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजिंदर विश्वनाथ अर्हलेकर ने मंगलवार को पिछली सरकार के इस फैसले काे रद्द करते हुए एक अध्यादेश जारी किया।

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महत्वपूर्ण रूप से, पिछली सरकार ने एसएमसी वार्डों की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई थी और लंबी परिसीमन प्रक्रिया के बाद, यह पिछले एक साल से पूरा नहीं हो सका। साथ ही जून, 2022 में होने वाले चुनाव होने में देरी हो रही थी। शिमला नगर निगम एक साल से निर्वाचित सदन के बिना काम कर रहा है और शिमला में उपायुक्त को प्रशासक के रूप में नामित किया गया है।

एसएमसी वार्ड को पिछली ताकत में वापस लाने के सरकार के फैसले से कानूनी तकरार को खत्म करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह गतिरोध भी खत्म होगा जिसने राज्य चुनाव आयोग को पिछले एक साल से चुनाव नहीं कराने के लिए मजबूर किया। परिसीमन की प्रक्रिया को दो याचिकाकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी क्योंकि पांच एमसी वार्ड में अदालत की ओर से परिसीमन पर रोक लगा दी गई थी।

अब यह उम्मीद की जा रही है कि 34 पुराने वार्डों में नए सिरे से मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया और राज्य चुनाव आयोग को चुनाव की घोषणा करने में एक महीने और लग सकते हैं। शिमला में नगर निगम चुनाव दो महीने के अंतराल के बाद मार्च की शुरूआत में होने की संभावना है।

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