कोई भी चेयर को चुनौती नहीं दे सकता... रिजिजू ने राहुल पर बोला तीखा हमला, कहा- हम नेता प्रतिपक्ष के बर्ताव से बहुत निराश हैं

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर वे बड़े परिवार में पैदा हुए हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे खुद को सदन से ऊपर समझेंगे। सदन की मर्यादा को बरकरार रखना होगा।

सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सैन्य प्रमुख नरवणे की किताब का जिक्र किया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। दो बार कार्यवाही स्थगित हुई। तीसरी बार पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। 

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को पहले देश से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि चीन के पास जो भी जमीन गई, वह 1959 से पहले और कुछ हिस्सा 1962 में गया था। आज राहुल गांधी को पहले माफी मांगनी चाहिए। हम अपनी तरफ से राष्ट्रपति के अभिभाषण और दूसरे मामलों पर चर्चा करने के बाद सदन में आगे बढ़ना चाहते हैं। एक बड़े परिवार में पैदा होने से कोई भी सदन या नियमों से ऊपर नहीं हो जाता है।

उन्होंने कहा कि हम विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बर्ताव से बहुत निराश हैं। आज स्पीकर के फैसले के बावजूद, राहुल गांधी चेयर के फैसले को नहीं मान रहे थे। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। जब चेयर कोई फैसला देता है, चाहे चेयरमैन हो या स्पीकर, हर सदस्य को उसका पालन करना होता है। 

लेकिन, राहुल गांधी ने स्पीकर के आदेश का उल्लंघन करके अपनी ही गरिमा को कम किया है। राहुल गांधी को चीन-भारत सीमा के बारे में बात करने का कोई हक नहीं है क्योंकि हमने 1959 और 1962 में भारतीय क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा खो दिया था।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और एक ऐसी किताब से कोट करना शुरू कर दिया, जिसका पब्लिकेशन और वास्तविकता साफ तौर पर मेंशन नहीं है। रक्षा मंत्री और हम सभी ने कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलेगा और नियमों के अनुसार ही बोलना चाहिए। 

कोई भी चेयर को चुनौती नहीं दे सकता। लोकसभा स्पीकर के फैसले के बाद भी, राहुल गांधी वही गलती दोहराते रहे। उन्होंने आधा घंटा बर्बाद किया, नियमों का उल्लंघन किया और वही बात दोहराते रहे। उन्होंने चीन सीमा पर बोलना शुरू कर दिया। क्या कांग्रेस पार्टी 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जा की गई जमीन वापस ला सकती है?

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और नियमों के अनुसार चलता है। राहुल गांधी किसी भी नियम का पालन नहीं करते। वह खुद को संसद से ऊपर समझते हैं। 

कांग्रेस के सीनियर नेता खड़े हो गए और तालियां बजाने लगे। राहुल गांधी को अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने सांसदों को नियमों का पालन करने के लिए समझाना चाहिए। यह मेरी उनसे रिक्वेस्ट है। उन्हें चीन सीमा के संबंध में कांग्रेस के पाप के लिए माफी मांगनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नियम 349 के तहत, आप किसी मैगजीन, किताब या पब्लिकेशन पर तब तक चर्चा नहीं कर सकते, जब तक आप उसे ऑथेंटिकेट न करें। राहुल गांधी भारत को कमजोर दिखाने के लिए एक कहानी बनाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसा नहीं होगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा।

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