लखनऊ में महंत राजूदास और स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच हाथापाई, दोनों पक्षों ने पुलिस से दर्ज करायी शिकायत

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Published By Jagat Mishra
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दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से बताया जान का खतरा

लखनऊ, अमृत विचार। राम चरितमानस पर इन दिनों चल रही बयानबाजियों के बीच बुधवार को माहौल उस वक्त और गरमा गया जब हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास और सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई। इस दौरान दोनों के समर्थकों के बीच भी मारपीट हुई।

दरअसल, गोमतीनगर के एक बड़े होटल में एक न्यूज चैनल की तरफ से कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। जिसमें स्वामी प्रसाद मौर्य का सत्र दोपहर 12 बजे था जबकि महंत राजूदास को दो बजे मौजूद होना था। पुलिस के मुताबिक जब स्वामी प्रसाद मौर्य का इंटरव्यू खत्म हो गया तो वह वहां से जाने लगे।

इस बीच राजूदास व अन्य संत भी वहां पहुंच गए। दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई। नारेबाजी के दौरान ही राजूदास व स्वामी प्रसाद के बीच हाथापाई हो गई। मौर्य के समर्थक व राजूदास के साथ मौजूद संत भी भिड़ गए। मारपीट होने लगी। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों को वहां से हटवाया। बाद में एक वायरल वीडियो में कुछ अराजक तत्व राजूदास को जबरन पकड़ कर मारपीट करते दिख रहे हैं।

उधर, एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। वीडियो व सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं। वीडियो में दोनों पक्षों से नारेबाजी व एक-दो लोगों के बीच हाथापाई दिख रही है। विस्तार से प्रकरण की तफ्तीश की जा रही है। तहरीर पर जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

मिली प्रतिक्रिया के मुताबिक हनुमानगढ़ी के संत राजूदास ने स्वामी प्रसाद मौर्या को देशद्रोही बताते हुए आरोप लगाया है कि वह (स्वामी प्रसाद) कभी भी मेरी हत्या करवा सकते हैं। वहीं, जगद्गुरू परमहंसाचार्य ने कहा कि एक तो स्वामी प्रसाद रामचरित मानस की प्रतियां जलाते हैं दूसरे संतों पर जानलेवा हमले करते हैं, उन पर तत्काल रासुका लगाया जाना चाहिए।

इधर, स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी पुलिस कमीश्नर को संबोधित एक पत्र में आरोप लगाया कि राजूदास और उनके समर्थक मेरी जान लेना चाहते थे। अपनी जान को खतरा बताते हुए उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है।

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