महाराजगंज में पैसे नहीं दिये तो चिकित्सकों ने लगा दी गलत रिपोर्ट, जानें पूरा मामला

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Published By Deepak Mishra
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में मारपीट के एक मामले में मेडिकल जांच को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जहां प्रारंभिक जांच में फ्रैक्चर न होने की रिपोर्ट दी गई, जबकि बाद में मेडिकल बोर्ड की जांच में उंगली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। कोठीभार थाना क्षेत्र के मुंडेरी चौबे गांव निवासी फाबिया के साथ तीन जून 2025 को मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें उनकी उंगली में चोट आई थी। इस संबंध में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

आरोप है कि जिला अस्पताल में कराए गए एक्स-रे में चिकित्सकों ने "नो बोन फ्रैक्चर" की रिपोर्ट लगा दी, जबकि पीड़िता का कहना है कि बाहर कराए गए डिजिटल एक्स-रे में फ्रैक्चर स्पष्ट दिख रहा था। पीड़िता का आरोप है कि सही रिपोर्ट के लिए चिकित्सकों द्वारा धनराशि की मांग की गई थी और पैसे न देने पर गलत रिपोर्ट दी गई। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फाबिया ने पुनः जांच के लिए तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से अनुरोध किया, जिसके बाद मण्डलीय चिकित्सा परिषद, गोरखपुर मंडल द्वारा मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराई गई।

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 23 सितंबर 2025 में छोटी उंगली के मध्य पोर के शीर्ष का रेखीय विस्थापित फ्रैक्चर पाया गया। पीड़िता के अधिवक्ता सोमनाथ चौरसिया ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर अब मारपीट के मामले में धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया की जाएगी।

कोठीभार थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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