LSG में महासफाई तय, फ्लॉप सीजन के बाद कप्तानी से लेकर कोर ग्रुप तक बदलाव के संकेत
-14 मैच में सिर्फ चार जीत, अंक तालिका में सबसे नीचे पहुंची टीम, पंत, पूरन और नॉर्खिया पर उठे सवाल
लखनऊ, अमृत विचार: आईपीएल-26 में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। 14 मैचों में केवल चार में जीत दर्ज कर टीम अंक तालिका में अंतिम स्थान पर पहुंच गई। इस लचर प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी बड़े बदलाव की तैयारी में है। अगले सत्र में टीम मैनेजमेंट कोर ग्रुप, विदेशी खिलाड़ियों और कप्तानी तक पर बड़े फैसले ले सकता है।
सीजन की शुरुआत से पहले टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ ने एलएसजी को खिताब का प्रबल दावेदार बताया था, लेकिन मैदान पर टीम हर विभाग में संघर्ष करती नजर आई। खासकर इकाना स्टेडियम में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। यहां सात मैचों में केवल दो में जीत मिली। बल्लेबाजी में मिचेल मार्श ही चले, उन्होंने 563 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में प्रिंस यादव ने 16 विकेट लेकर प्रभावित किया। सीजन के अंतिम चरण में जोश इंग्लिस ने कुछ उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
सूत्रों के मुताबिक खराब फॉर्म से जूझ रहे निकोलस पूरन और फिटनेस समस्याओं से परेशान एनरिक नॉर्खिया को रिलीज किया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भी टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में एलएसजी अब 2027 सीजन के लिए नई रणनीति और नए नेतृत्व मॉडल पर काम कर रही है। सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान ऋषभ पंत को लेकर है। फ्रेंचाइजी के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने भी संकेत दिए हैं कि टीम कप्तानी के पहलू पर गंभीर समीक्षा करेगी। माना जा रहा है कि कप्तानी का दबाव पंत की बल्लेबाजी को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में अगले सीजन से पहले एलएसजी नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव कर सकती है।
खोखले साबित हुए कोच के दावे
सीजन शुरू होने से पहले चीफ कोच जस्टिन लैंगर ने एलएसजी को खिताब का मजबूत दावेदार बताया था, लेकिन टीम पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष करती नजर आई। पहले दो सीजन में प्लेऑफ खेलने वाली टीम तीसरे सीजन में सातवें और अब चौथे सीजन में सीधे दसवें स्थान पर पहुंच गई। यह लगातार गिरते प्रदर्शन का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
मार्श और प्रिंस यादव ही बने उम्मीद
पूरे सीजन में बल्लेबाजी में मिचेल मार्श ने 563 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, जबकि युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने 16 विकेट लेकर प्रभावित किया। इसके अलावा अधिकांश खिलाड़ी फ्लॉप रहे। जोश इंग्लिस ने अंतिम मुकाबलों में कुछ उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन टीम को प्लेऑफ की दौड़ में नहीं ला सके।
पंत की कप्तानी पर उठे सवाल
ऋषभ पंत की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों इस सीजन में सवालों के घेरे में रहीं। ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने माना कि कप्तानी का दबाव पंत के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। फ्रेंचाइजी अब नेतृत्व मॉडल पर नए सिरे से विचार करने की तैयारी में है।
