यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर तत्काल फैसले की मांग, उपभोक्ता परिषद ने आयोग में दाखिल की अर्जेंसी अर्जी
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में जल विद्युत निगम की मल्टी ईयर टैरिफ पर जनसुनवाई के दौरान स्मार्ट प्रीपेड मीटर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग की अनुमति से इस गंभीर विषय पर अर्जेंसी एप्लीकेशन दाखिल करते हुए राष्ट्रीय कानून के तहत तत्काल निर्णय की मांग की। सुनवाई के दौरान उन्होंने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सदस्य संजय कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों के समक्ष कहा कि प्रदेश भर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापक विरोध हो रहा है।
कई जिलों में उपभोक्ता, विशेषकर महिलाएं, सब स्टेशनों का घेराव कर रही हैं और इससे उनके मासिक बजट पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। परिषद ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियां विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन करते हुए उपभोक्ताओं के पोस्टपेड कनेक्शन को बिना सहमति के प्रीपेड में बदल रही हैं। बताया गया कि लगभग 70 लाख उपभोक्ता इससे प्रभावित हैं।
साथ ही, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की 1 अप्रैल-26 की अधिसूचना के बावजूद नए कनेक्शन अनिवार्य रूप से प्रीपेड मोड में दिए जा रहे हैं। परिषद ने मांग की कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन जबरन प्रीपेड किए गए हैं, उन्हें तुरंत पोस्टपेड में बहाल किया जाए। साथ ही नई कास्ट डेटा बुक में संबंधित कानूनी प्रावधानों को शामिल कर पूरे प्रदेश में सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
